
देहरा – आशीष कुमार
कला एस ऐसी विधा जो हर किसी मैं अलग अलग रूप के रूप में होती है चाहे उक्त कला गाने , नाचने की हो चाहे कोई ओर ।
सभी कला का अपना ही महत्व है । ऐसी ही अद्भुत एवम अनूठी कला से गुणी हैं उपमंडल देहरा के अंतर्गत पड़ते बनखंडी निवासी 64 वर्षीय सुशिल गोस्वामी सुपुत्र स्वर्गीय जगदीश गोस्वामी मैं एक अनूठी कला है ।
सुशील गोस्वामी बांस की लकड़ी से अनूठी कलाकृतियाँ बनाते हैं जिसकी क्षेत्र में भूरि- भूरि प्रशंसा भी की जाती है ।
बनखंडी निवासी सुशील गोस्वामी पंजाब के इरिगेशन विभाग से एसडियो पद से सेवानिवृत हैं वहीं मानगढ के समीप ही बम्बू कार्ट नामक होटल का संचालन भी करते हैं ।
अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए ही सुशील गोस्वामी ने यह होटल बनाया है या यूं कहें अपनी कला को उन्होंने यह होटल समर्पित किया है ।
सुशील गोस्वामी द्वारा ऐसी-ऐसी कलाकृतियाँ बांस की लकड़ी से बनाई है जिसे देख कर हर कोई दंग रह जाए । सुशील गोस्वामी बताते हैं की की बांस की लकड़ी के साथ काम करने का शोक बचपन से ही था ।
वहीँ उन्होंने बताया की जब वह पंजाब में कार्य करते थे तो फ्री टाइम में भी ऐसी ऐसी कलाकृतियाँ बनाते थे आज भी यह शोक बरकरार है ।
कला प्रेमी सुशिल कुमार का कहना है की हिमाचल में बांस का उत्पादन काफी ज्यादा है बांस के इस्तेमाल से काफी कुछ बनाया जा सकता है।
सुशील गोस्वामी का होटल बाम्बू कार्ट सहित उनका घर भी बांस की बनी कलाकृतियों से सजा हुआ है ।
जहां तक नजर दोदाई जाए वहां तक बाम्बू से निर्मित कलाकृतियाँ ही नजर आती है । लोगो द्वारा भी यह कलाकृतियाँ खासी पसंद की जाती हैं ।
