हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए डेडलाइन तय कर दी है। सरकार ने 30 जून तक प्रदेश के सभी नए बने 151 स्कूलों सीबीएसई स्कूलों में शिक्षण प्रक्रिया सुचारू रूप से चलाने के लिए शिक्षकों की भर्ती पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।
स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती को लेकर सरकार ने नई योजना तैयार कर इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी है। सीबीएसई स्कूलों में राज्य चयन आयोग के माध्यम से शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। सरकार द्वारा राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में छात्रों को बेहतर और गुणवत्ता पूर्ण शिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से सीबीएसई स्कूलों का चयन किया है।
राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में इन स्कूलों को खोलने के निर्णय से न केवल सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या में इजाफा हुआ है बल्कि गरीब तबके के लोगों को भी सीबीएसई स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाने का मौका मिला है।
नैप-2020 के अनुसार स्कूली बच्चों को शिक्षण प्रदान करने के लिए प्रदेश मुख्यमंत्री के दिशानिर्देशों के अनुरूप अब शिक्षकों को जून माह तक सभी स्कूलों में तैनाती दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया को तय समय सीमा में 30 जून तक शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए हैं।

अध्यापकों के 5400 से अधिक पद भरें जाएंगे
अभी तक चयन आयोग द्वारा 400 मैथ्स और 400 अंग्रेजी के शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। वहीं इन सर्विस टीचर की भर्ती प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा करवाई गई है जिसमें विभिन्न विषयों के 5400 से अधिक शिक्षकों की भर्ती कर सीबीएसई स्कूलों में तैनाती दी जाएगी।
नए शैक्षणिक सत्र में सुचारु होगी शिक्षण प्रक्रिया
सरकार का लक्ष्य है कि नए शैक्षणिक सत्र के दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो और सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुरूप शिक्षण सुचारु रूप से संचालित हो सके। इसके लिए शिक्षकों की समय पर भर्ती अनिवार्य है। इसी उदेश्य से सरकार ने चयनित सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध किया गया है, ताकि छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा, आधुनिक पाठ्यक्रम और प्रतिस्पर्धी माहौल मिल सके।
प्रतियोगी परीक्षा और मेरिट आधार पर की जा रही भर्ती
सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की ये नियुक्तियां खुली प्रतियोगी परीक्षा और मेरिट आधारित काउंसिलिंग के माध्यम से की जाएंगी। चयनित शिक्षकों को जरूरत के अनुसार सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में तैनात किया जाएगा।
सरकार की योजना के तहत सीबीएसई स्कूलों में दक्षता आधारित शिक्षण, गतिविधि आधारित पढ़ाई और समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी लाभ मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिलेंगे।

