
सोलन – जीवन वर्मा
जिला सोलन के अर्की क्षेत्र में 11 वर्षीय किशोर के साथ कुकर्म करने के दोषी को कोर्ट ने 14 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. परविंदर सिंह अरोड़ा (पोक्सो कोर्ट सोलन) ने दोषी को 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न भरने की सूरत में दो माह का साधारण कारावास भुगतना होगा।
पीडि़त पक्ष के वकील ने 18 गवाह कोर्ट में पेश किए। मामले की पैरवी विशेष लोक अभियोजक सुनील दत्त वासुदेवा ने की।
जिला न्यायवादी सोलन कोर्ट एमके शर्मा ने बताया कि किशोर अपनी बुआ के घर भाई के साथ गया हुआ था। आरोपित अकसर पीडि़त की बुआ के घर आता था।
एक दिन वह पीडि़त को अपने साथ बाइक पर बैठा कर जंगल की ओर ले गया और वहां पर किशोर को रस्सी से बांध कर कुकर्म किया। पीडि़त के पिता की शिकायत पर अर्की पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था।
नाबालिग से दुष्कर्म करने के दोषी पिता को विशेष न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट (पोक्सो) के न्यायालय ने 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
दोषी के खिलाफ बल्ह थाना में 21 जून 2020 को दुष्कर्म व पोक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज हुआ था। नाबालिग ने चाइल्ड हेल्पलाइन मंडी के अपनी व्यथा बताई थी।
चाइल्ड लाइन ने मामले की जांच करने के बाद थाना बल्ह में शिकायत दर्ज करवाई थी। मेडिकल जांच करवाने के बाद पुलिस ने आरोपित पिता को गिरफ्तार कर मामले की जांच की थी।
जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश किया था। न्यायालय ने आरोपित को गत दिनों दोषी करार दिया था। शुक्रवार को न्यायालय ने उसके घृणित कृत्य के लिए दुष्कर्म का आरोप सिद्ध होने पर 20 साल के कठोर कारावास व 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
धारा 376 (2)(एफ) में 10 साल के कठोर कारावास व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जान से मारने की धमकी देने पर दो साल के साधारण कारावास व एक हजार रुपये जुर्माने की सजा तथा पोक्सो अधिनियम में 20 साल के कठोर कारावास व 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सभी सजा एक साथ चलेंगी।
