बिजली बोर्ड की नाकामी से जनता तंग, ऐन मौके पर दी जाती है पावर कट की सूचना
शाहपुर – नितिश पठानियां
विधानसभा क्षेत्र शाहपुर में बार-बार हो रही बिजली की आंख मिचौली, ट्विस्ट तथा अघोषित कट से किसान, व्यापारी वर्ग तथा घरेलू कामकाजी महिलाएं बहुत परेशान हैं।
इनका मानना है कि विद्युत विभाग गाहे-बगाहे घोषित कट की बात करता रहता है, परंतु या तो उसी दिन या दूसरे दिन इन की नाकामी का बोलबाला शुरू हो जाता है। जब या तो उसी दिन या दूसरे दिन बिजली आपूर्ति बाधित होनी शुरू हो जाती है।
इससे यह समझ में नहीं आता कि लिए गए कट में कितनी सफाई से कार्य हुआ। हालात तो कट के बाद भी वैसे ही हैं, जैसे कट से पहले होते हैं।
उन्होंने कहा कि विद्युत विभाग कट की सूचना भी बिजली के करंट की तरह ही देता है, जिस दिन बिजली बाधित होनी होती है इसका समाचार भी उसी दिन प्रकाशित होता है।
मतलब यह की विद्युत विभाग ने सूचना देकर अपना पल्ला झाड़ लिया। इससे लोगों को लाभ हो या हानि इससे उनका कोई सरोकार नहीं।
आदर्श शर्मा ने कहा कि स्थानीय व्यवसायी अघोषित कट से बहुत परेशान हैं। इससे व्यापार पर भी बहुत वुरा असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा अगर इसमें सुधार नहीं हुआ तो व्यापार मंडल शीघ्र ज्ञापन प्रेषित करेगा।
व्यापार मंडल शाह के उपप्रधान राम व्यापार मंडल 39 मील के प्रधान राकेश चौहान ने कहा कि विद्युत विभाग की नलाइकी के कारण ही दिन में बार-बार अघोषित कट लग रहे हैं, जिससे कि हर कोई परेशान है।
जहां देखो तारे लटकी हुई हैं, जिनके कारण बिजली बार-बार ट्रिप होती रहती है। ऐसी स्थिति में हर किसी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
व्यवस्था परिवर्तन में रोड़ा बन रहा बिजली बोर्ड पार्षद राजीव पटियाल
नगर पंचायत के मनोनीत पार्षद राजीव पटियाल ने कहा कि गर्मियों में बार-बार हो रही बिजली बाधित से जनता में भारी रोष है। उन्होंने कहा की सरकार तो व्यवस्था परिवर्तन के द्वारा लोगों को सुविधाएं प्रदान करने में व्यस्त है और यहां विद्युत विभाग इसके प्रति आंखें मूंदे हुए हैं, जिससे जनता में भारी रोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि यही हालात रहे तो मजबूर विभाग के खिलाफ धरना-प्रदर्शन भी जनता को करने से गुरेज नहीं करना होगा।
घर के कामकाज करना हुआ मुश्किल
बिजली कट से परेशान नगर पंचायत शाहपुर की पूर्व अध्यक्ष ऊषमा चौहान ने कहा कि विद्युत विभाग अपने उपभोक्ताओं के प्रति कितना सजग है इसका जीता जागता उदाहरण उनका दूरभाष है जो कभी चलता ही नहीं या तो व्यस्त आता है या उसे कोई उठाता नहीं। बिजली के अघोषित कट से घर में कामकाज करना मुश्किल हो गया है।

