डाॅ सुनील ने गौमाता को दिया नवजीवन, बिना सर्जरी के पेट से निकाले गले सड़े बच्चे के अवशेष

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शिमला, 09 जनवरी – नितिश पठानियां

जर्सी गाय के पेट में चार महीने के बच्चे के सड़े गले अवशेषों को बिना सर्जरी के बाहर निकालने में पशु मादा विशेषज्ञ डाॅ. सुनील शर्मा ने एक नया प्रयोग करके दिखाया है, जिसकी चहुंओर प्रशंसा हो रही है।

बता दें कि शिमला के सटे गांव भगोग में एक जर्सी गाय कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रही थी। उन्होंने पशु औषधालय तारा देवी में कार्यरत पशु मादा विशेषज्ञ डाॅ सुनील शर्मा से संपर्क किया।

डाॅ सुनील शर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंची और गाय का मुआयना किया। जांच में पाया कि जर्सी गाय के पेट में बच्चा सड़ चुका है, जिसे बाहर निकालना जरूरी है ताकि गाय की जिन्दगी को बचाया जा सके।

डाॅ. सुनील शर्मा ने बताया कि ऐसी स्थिति में सर्जरी करना गाय के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता था। उन्होंने गाय को पर्यवेक्षण पर रखा और गाय के गर्भाशय के मुंह को हाथ से फैलाने का निर्णय लिया गया।

डाॅ. सुनील शर्मा की टीम के सदस्यों द्वारा 02 जनवरी से 07 जनवरी सांय तक समय-समय पर गर्भाशय के मुंह पर 40 से 42 डिग्री तापमान वाले पानी का हर आधे घंटे बाद छिड़काव करीब 12 मिनट तक किया जाता रहा।

डाॅ. सुनील शर्मा व टीम सदस्यों ने गर्भाश्य का मुंह खुलने पर गर्भाशय से बच्चे के गले सड़े अवशेष हाथ से निकालकर गाय को जीवनदान दिया। टीम के अन्य सदस्य फार्मासिस्ट अमित शर्मा, सपना देवी और रामस्वरूप भी इस दौरान मौजूद रहे।

विमला देवी सहित अन्य लोगों ने डाॅ. सुनील शर्मा सहित स्टाफ के सभी सदस्यों का आभार जताया। क्षेत्र के लोगों ने सरकार से मांग की है कि डाॅ सुनील शर्मा जैसे पशु मादा विशेषज्ञ चिकित्सक को राजकीय पशु चिकित्सालय शिमला में तैनात किया जाना चाहिए। ताकि उनके अनुभवों का लाभ अधिक से अधिक पशुपालकों को मिल सके।

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