
चम्बा- भूषण गुरुंग
बसों समेत मैकेनिकल स्टाफ व सामान की कमी एचआरसी पर भारी पड़ रही है। बसें जहां आधे रूटों पर खराब हो रही हैं, वहीं खराब बसें समय पर ठीक भी नहीं हो पा रही हैं, इसके चलते निगम की परेशानी बढ़ रही है।
बीते रविवार को भी पालमपुर से चम्बा रूट पर चलने वाली बस (एचपी 37डी-1593) ककीरा के समीप हांफ गई थी। इसके बाद उसे ठीक करने में 5 दिन का समय लगा। 5 दिन के बाद सोमवार देर शाम को बस को ठीक किया जा सका।
हालांकि चालक द्वारा बस में आई तकनीकी खराबी को जांचने का प्रयास किया गया लेकिन चालक को इसमें सफलता हासिल नहीं हुई। इसके उपरांत चालक-परिचालक द्वारा बस में सवार हुए लगभग 20 यात्रियों को 1 घंटे के बाद पीछे से आने वाली चम्बा से बैजनाथ जाने वाली बस में बैठाकर रवाना किया गया।
मैकेनिक द्वारा जब बस में आई तकनीकी खराबी को जांचा गया तो बस के हिस्से के क्रोन पिनियन बैयरिंग का खराब होना पाया गया। जिसे बाद में उसने फोन के माध्यम से नजदीकी वर्कशॉप से मंगवाया।
सोमवार को वर्कशॉप द्वारा इस बैयरिंग को दोपहर के समय एक निजी बस द्वारा ककीरा भिजवाया गया। बस को ठीक करने के दौरान पाया कि बस 6 लाख 46 हजार 97 किलोमीटर दूरी तय कर चुकी थी लेकिन फिर भी अपने रूट की दूरी तय करे बिना यह बस बीच रास्ते में ही हांफ गई।
