
नूरपुर – देवांश राजपूत
पिछले साल जनवरी माह में पंचायतों के चुनाव में नूरपुर विकासखंड में पुरानी पंचायतों के पुर्नगठन के बाद 8 नई पंचायतों का गठन हुआ था। सवा साल बीतने के बाद 8 नई पंचायतों में कुछ पंचायतों ने अपने लिए जगह ढूंढ ली है तथा कुछ पंचायतें अभी भी पंचायत भवन के लिए जगह ढूंढने की कवायद में जुटी हुई है।
पंचायती राज में हालांकि पंचायतों को काफी महत्व बढ़ गया है। सरकार ने पंचायतों के कई सारे अधिकार भी सौंप रखे हैं, लेकिन महत्वपूर्ण पंचायत जसूर अभी भी पंचायत भवन के लिए जगह ढूंढने में नाकाम रही है।
हालांकि नई बनी पंचायत ने शुरू में ही पंचायत में प्रस्ताव पारित करके जसूर की पुरानी टेलीफोन एक्सचेंज से कुछ दूरी पर ब्लाक समिति की 7 कनाल भूमि बनाने का प्रस्ताव पारित करके सरकार को भेज दिया था, लेकिन ब्लाक समिति वहां समिति की दुकानें बनाने का तर्क दे रही है।
जसूर पंचायत की प्रधान ज्योति देवी ने कहा कि पंचायत भवन को जसूर के मध्य बनाए जाने का प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्तावित जगह से मलाड़ी गांव व सिनेमा हॉल के ग्रामीणों को पंचायत व मनरेगा कार्य करवाने में भी सुविधा रहेगी।
इसके अलावा प्रस्तावित पंचायत भवन जसूर कस्बे के अधिकांश वार्डों के साथ लगता है। इसके अलावा खुली जगह होने से यहां पर खुले में पंचायत सम्बंधित व अन्य सांस्कृतिक कार्य करने के लिए सुविधा रहेगी।
क्या कहते है विकास खंड नूरपुर अधिकारी
विकास खंड नूरपुर अधिकारी श्याम सिंह ने बताया कि पंचायत के कुछ वार्ड मेंबर पंचायत को जसूर के सामुदायिक भवन के पास बनाने की पैरवी कर रहे हैं। जिसके चलते प्रस्तावित पंचायत भवन का अभी तक कोई स्थायी हल नही निकल पाया है, पंचायत समिति जो फैसला लेगी, उसी जगह पर पंचायत भवन बनाया जाएगा।
