
बिलासपुर – सुभाष चंदेल
उपमंडल घुमारवीं के अंतर्गत ग्राम पंचायत कुठेड़ा में शिवा छिज कमेटी की ओर से 13 साल से दंगल का आयोजन करवाया जा रहा है परंतु कोरोना महामारी के कारण दो साल इस दंगल का आयोजन नहीं हो सका था। इस बार कमेटी के निर्णय के बाद भारत केसरी दंगल का आयोजन किया गया। दंगल में भारतवर्ष से पहलवानों को आमंत्रित किया गया था।
इस वर्ष दंगल में चार खिताब रखे गए हैं, जिसमें कहलूर केसरी, शान-ए कहलूर, बिलासपुर केसरी व बाल केसरी का था। कहलूर केसरी व बाल केसरी के लिए सिर्फ हिमाचल प्रदेश से संबंधित ही पहलवानों को मौका दिया गया। इसके अलावा अन्य मुकाबलों में किसी भी प्रकार की कोई आयु सीमा नहीं रखी गई है।
इस मौके पर शिवा छिज कमेटी के प्रधान रिटायर्ड सूबेदार जगदीश चंद के अलावा संयुक्त सचिव हिमाचल प्रदेश कुश्ती संघ जगदेव मेहता, कैप्टन दिलीप सिंह, सुरेश ठाकुर के अलावा युवा छिज कमेटी के अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित थे।
प्रधान जगदीश चंद्र ने बताया कि बाल केसरी का खिताब बिलासपुर जिला के कुठेडा पंचायत के मसौर गांव के अभिनव ने जीता।
जबकि बिलासपुर केसरी का फाइनल ललित और यशवंत के बीच में हुआ जिसमें ललित ने प्वाइंट के आधार पर प्रतियोगिता जीती।
शेरे कहलूर का मुकाबला कलुआ गुर्जर और लवप्रीत में के बीच में हुआ जिसमें कलवा गुज्जर विजयी रहे।
शान-ए कहलूर जो कि इस दंगल की मुख्य कुश्ती थी। इसका मुकाबला मोनू दिल्ली और बाबा फरीद के बीच में हुआ। यह मुकाबला लगभग 60 मिनट तक चला।
अतिरिक्त समय में भी कोई परिणाम नहीं निकला, जिसके अनुसार कमेटी ने फैसला लिया कि अब इस मुकाबले का परिणाम प्वाइंट के आधार पर किया जाएगा परंतु इसमें बाबा फरीद ने सहमति नहीं जताई। इसके उपरांत कमेटी ने मोनू दिल्ली को विजय घोषित कर दिया।
इस मौके पर मुख्य अतिथि डीएसपी अनिल कुमार व तहसीलदार जय गोपाल शर्मा उपस्थित थे जिन्होंने विजेता पहलवानों को इनाम बांटे।
पंचायत कुठेड़ा के प्रधान ज्योति धीमान ने कहा कि पंचायत कमेटी को हर सहायता उपलब्ध करवाती रहेगी।
