
पांचवें नवरात्र पर शक्तिपीठों में 51 हजार 400 श्रद्धालुओं में नवाया शीश, 27.47 लाख चढ़ावा
ज्वालामुखी – शीतल शर्मा
चिंतपूर्णी मंदिर के बाद अब ज्वालामुखी मंदिर भी छठे नवरात्रे से अष्टमी तक 24 घंटे खुला रहेगा। मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ एकत्रित ने हो इसलिए मंदिर न्यास ने फैसला लिया है।
पांचवें नवरात्र पर चिंतपूर्णी, ज्वालामुखी, नयनादेवी, बज्रेश्वरी व चामुंडा देवी मंदिर में 51 हजार 400 श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। चैत्र नवरात्र के चौथे दिन शक्तिपीठों में 27 लाख 47 हजार 44 रुपए चढ़ावा मां के चरणों में चढ़ाया गया है।
इसके अलावा 54 ग्राम 200 मिलीग्राम सोना और दो किलो 73 ग्राम चांदी मां के चरणों में अर्पित की गई। ऊना के उपायुक्त राघव शर्मा ने बताया कि चिंतपूर्णी मंदिर में नवरात्र मेले के पांचवें दिन 11 हजार श्रद्धालुओं ने शीश नवाया।
चौथे नवरात्र पर मंदिर न्यास को सात लाख 35 हजार 21 रुपए चढ़ावा, 44 ग्राम सोना और 653 ग्राम चांदी भक्तों ने मां को अर्पित की है। वहीं, नयनादेवी मंदिर में नौ हजार श्रद्धालुओं ने हाजिरी भरी।
मंदिर अधिकारी जगदीश कुमार ने बताया कि चौथे नवरात्र पर नौ लाख 43 हजार 298 रुपए चढ़ावा, छह ग्राम 800 मिलीग्राम सोना और एक किलो 100 ग्राम चांदी मंदिर में चढ़ाई गई। ज्वालामुखी मंदिर में 11 हजार भक्तों ने माथा टेका।
एसडीएम मनोज ठाकुर ने बताया कि चौथे नवरात्र पर सात लाख आठ हजार 197 रुपए नकद चढ़ावा, तीन ग्राम 400 मिलीग्राम सोना और 320 ग्राम चांदी अर्पित की गई।
इसके अलावा कांगड़ा स्थित बज्रेश्वरी देवी मंदिर में 10 हजार 400 श्रद्धालुओं ने माथा टेका।
मंदिर अधिकरी भुवनेश शर्मा ने बताया कि नवरात्र मेले के चौथे दिन मंदिर न्यास को तीन लाख 60 हजार 528 रुपए नकद चढ़ावा प्राप्त हुआ है।
चामुंडा मंदिर में दस हजार श्रद्धालुओं ने मां से आशीर्वाद लिया।
