
मंडी- नरेश कुमार
जोगिंद्रनगर के बहुचर्चित व पिछले दिनों से गरमाए हुए ज्योति लापता मामले में दर्दनाक मोड़ आ गया है। आठ अगस्त से अपने घर से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता भराडू पंचायत के गड़ूही गांव की विवाहिता ज्योति 30 दिनों बाद कंकाल के रूप में मिली है। कंकाल भी ऐसी हालत में मिला है कि उसे एक बोरे में समेटना पड़ा है।
सात सितंबर को ज्योति का कंकाल तो मिला था, लेकिन उसका सिर नहीं मिल सका था। बुधवार को ज्योति के सिर का कंकाल भी पुलिस को खोजबीन के दौरान मिल गया है। इसी वजह से ज्योति का बुधवार को अंतिम संस्कार नहीं हो सका। ज्योति का अब गुरुवार (आज) को अंतिम संस्कार किया जाएगा। ज्योति के सिर के बाल पेड़ के साथ बनाए गए दुपटे के फंदे से लटके हुए मिले हैं, जबकि बाकी हिस्सा जमीन पर कंकाल व बुरी तरह से सड़ी-गड़ी लाश के रूप में बरामद हुआ है।
मंगलवार रात को कंकाल मिलने के बाद बुधवार को पुलिस ने मृतका के पति शिव कुमार को गिरफतार कर लिया है। पुलिस अब ज्योति के डीएनए सैंपल के जरिए उसकी पहचान करेगी। इसके लिए नेरचौक मेडिकल कालेज में डीएनए सैंपल भी रख लिया गया है। हालांकि ज्योति की सास ने उसकी चप्पलों से अपनी बहू का कंकाल होने की पुष्टि की है।
उधर, ज्योति की मां ने सुसराल पक्ष में प्रताडऩा के आरोप लगाते हुए दोषी के खिलाफ फांसी की मांग की है। उल्लेखनीय है कि ज्योति का कंकाल मंगलवार शाम कस पंचायत के पांडो के समीप मकोड़ा के घने जंगल से बरामद हुआ है। जोगिंद्रनगर के हराबाग निवासी 23 वर्षीय ज्योति की शादी गडूही गांव निवासी शिवकुमार के साथ हुई थी। बीते आठ अगस्त को पति के साथ किसी बात को लेकर हुई कहासुनी पश्चात ज्योति अपने कुत्ते के साथ लापता हो गई थी। इस बीच पांच दिन पश्चात कुत्ता तो वापस आ गया, लेकिन ज्योति का कुछ पता नहीं चला था।
