
राजा का तालाब, अनिल शर्मा
फतेहपुर उपमंडल तहत पड़ती ग्राम पंचायत गोलवां निवासी कमल कुमार (43)की आज सुबह कोरोना वायरस की बजह से मौत हो गई। फतेहपुर तहसीलदार सुशील शर्मा, पंचायत प्रधान संजीब चंबियाल, पूर्व प्रधान अनिल पप्पू की देखरेख में कोबिड प्रोटोकॉल के तहत कमल कुमार का अंतिम दाह संस्कार किया गया।
मृतक के पिता करतार चंद अनुसार कमल कुमार के पेट मे पथरियां होने की बजह से उसका उपचार चल रहा था।इस बीच कमल कुमार को मामूली बुखार आने की बजह से जब उसका कोरोना वायरस का टेस्ट करवाया गया तो उसमें वह पॉजिटिव आया।कमल कुमार को सांस लेने में दिक्कत आते देख उसे 19 मई को नूरपुर अस्पताल में दाखिल करवाया गया था।
नूरपुर अस्पताल प्रशासन ने कमल कुमार की हालत में कोई सुधार होते न देख उसे 21 मई को किसी अन्य अस्पताल ले जाने की सलाह दी।टांडा अस्पताल में तत्काल बेंटिलेटर की व्यवस्था न होने की बजह से परिवारजन कमल कुमार को पठानकोट स्थित निजी गोयल अस्पताल में लेकर गए।कमल कुमार को गोयल अस्पताल में 21 मई को दाखिल करवाया गया और रोजाना बीस हजार रुपये उसकी दवाईयों का खर्चा आ रहा था।
पंद्रह दिन लगातार बेंटिलेटर पर रहने बाबजूद भी उसका आक्सीजन लेबल स्थिर नहीं हो पा रहा था।आज सुबह करीब दस बजे शौचालय जाते समय वह नीचे गिर गया और उसकी मौत हो गई।कमल कुमार एक मेहनती इंसान था, जो अपने पीछे तीन बेटियां,एक बेटा और माँ, बाप को छोडकर गया है।
इस मौके पर तहसीलदार सुशील शर्मा का कहना कि मृतक कमल कुमार को कोबिड आपदा प्रबंधन की तरफ से हर मदद की जाएगी।उधर पंचायत प्रधान संजीब पप्पू ने जनता से आहबान करते हुए कहा कि सरकार कोबिड को हराने के लिए दिन रात प्रयासरत हैं।लोगों को निजी अस्पतालों की बजाए हिमाचल प्रदेश के सरकारी अस्पतालों की सेवाएं लेनी चाहिए।
पूर्व प्रधान अनिल पप्पू ने मृतक की मौत पर दुख प्रकट करते हुए सरकार से मांग करते हुए इस परिवार की हर सँभव मदद किए जाने की मांग की।
