
फतेहपुर, अनिल शर्मा
आज SFI जिला कांगड़ा ने सोशल मीडिया के माध्यम से पोस्टरो पर अपनी मांगे लिखकर प्रोटेस्ट किया तथा DFO नूरपूर से अवैध कटान रोकने तथा आरोपित ठेकेदारों के लाइसेंस रद्द करने की मांग की।
पिछले दिनों फतेहपुर विधानसभा के रे रेंज के अंतर्गत भबरोली गांव में अबैध तरीके से खैर के पेड़ काटे गए जिसमें जो वाहन पकड़ा गया वो स्वयं उस पंचायत के प्रधान का बताया जा रहा है तथा वह प्रधान ठेकेदार भी है सभाविक सी बात है कि उसी ठेकेदार का माल जा रहा था
वन विभाग ने मौके पर 26 मोछे सहित गाड़ी पकड़ी थी। उसी दौरान पुलिस ने मामले को दर्ज कर आगामी कार्यवाही शुरू कर दी है।
SFI जिला अध्यक्ष रूपांश राणा ने कहा कि जल्द से जल्द DFO नूरपूर आरोपी उक्त ठेकेदार का लाइसेंस रद्द करें तथा आसपास जो अवैध पेड़ काटे जा रहे हैं आरोपी ठेकेदारों के तुरंत प्रभाव से लाइसेंस रद्द हों वरना DFO नूरपूर को SFI चेतावनी देती है आगामी दिनों में आंदोलन के लिए तैयार रहें। पिछले दिनों लगातार फतेहपुर विधानसभा तथा इंदौरा विधानसभा के जंगलों में अवैध कटान कर आग के हबाले किया जा रहा है तथा प्रशासन मूकदर्शक बनकर खड़ा है।
हम जानते हैं कि स्वस्थ्य जीवन के लिए पर्यावरण का स्वच्छ रहना अनिवार्य है। इसके लिए हमारे आसपास पेड़ पौधों की अधिकता बेहद जरुरी है। वृक्षों की अंधाधूंध कटाई से पर्यावरण पर इसका बुरा असर पड़ने की संभावना तीव्र हो गयी है। लोग चंद सिक्कों के खातिर वृक्षों को काटकर हरियाली खत्म करते जा रहे है। चंद लोग अपनी निजी आर्थिक लाभ के कारण हरे भरे पौधों को भी काटने से बाज नहीं आ रहे हैं।
वहीं जिला सह सचिव पूजा सिंह ने कहा कि हरे वृक्ष काटने वाले लोगों के हौसला बुलंद होता जा रहा है। पेड़ लगाओ पर्यावरण बचाओ अभियान के तहत सरकार लाखों रुपये पौधे लगाने में खर्च कर रही है। लेकिन वर्षो पुराने लगे पेड़ों की कटाई सरकार के सपनों को चकनाचूर कर दिया है। अंधाधूंध हो रही पेड़ों की कटाई से आने जाने में काफी रोष देखा जा रहा है।
अगर समय रहते पेड़ों की कटाई पर रोक नहीं लगायी गयी तो वनों के अस्तित्व पर खतरा उत्पन्न हो जाएगा। वृक्षों के इस अंधाधूंध कटाई से जहां एक ओर वातावरण गर्म हो रहा है वहीं प्रदूषण के कारण लोगों को श्वास, आंख,फेफड़ा एंव अन्य बीमारियों से ग्रसित होना पड़ रहा है।
SFI जिला कमेटी कांगड़ा ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर जल्द से जल्द अवैध कटान पर उचित कारवाई नही हुई तो DFO नूरपूर आंदोलन के लिए तैयार रहें और उसकी जिमेवारी स्वयं DFO नूरपूर की होगी क्योंकि SFI हमेशा पर्यावरण सरंक्षण के साथ खड़ी रही है और आगे भी खड़ी रहेगी।
ऐसी घटनाएं वर्दाश्त नही होंगी क्योंकि जंगलात स्टाफ खुद सोया रहता है या घूसखोरी ले देकर मामलों को निपटा देते हैं। जोकि निंदनीय है औऱ लगातार अवैध कटान हो रहा है। इसलिए DFO जल्द से जल्द आरोपी ठेकेदारों के लाइसेंस रद्द करें।
