कृषि विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों को सरकार ने घोषित किया फ्रंटलाइन वर्कर वैक्सीनेशन के लिए रजिस्ट्रेशन करवाने की जरूरत नहीं : वीरेंद्र कंवर

--Advertisement--

Image

शिमला, जसपाल ठाकुर

अब कृषि विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों को कोविन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाने की जरूरत नहीं है। जयराम सरकार ने मांग के बाद आज ही नोटिफिकेशन भी जारी कर दी है। इससे पहले हिमाचल सरकार ने सरकारी तथा प्राइवेट सेक्टर की 22 श्रेणियों को कोरोना वैक्सीन के लिए फ्रंटलाइन वर्कर्स घोषित कर दिया गया था।

इसमें निजी व सरकारी सभी शिक्षण संस्थानों के समूचे स्टाफ को भी शामिल कर लिया गया है। लेकिन कृषि विभाग को इससे अभी भी दूर रखा गया। हैरानी की बात यह है कि सरकार ने उन विभागों के कर्मचारियों- अधिकारियों भी फ्रंटलाइन कोरोना वर्कर्स घोषित कर दिया करीब 3 सालों से बंद है। यहां तक कि कैदियों को भी प्राथमिकता के आधार पर कोरोना वैक्सीन लगाई जाएगी। लेकिन लगातार बिना छुट्टियां किये किसानों के संपर्क में आने वाले कृषि विभाग को इससे दूर रखा गया।

कृषि प्रसार अधिकारी संघ ने की थी मांग, अब बने फ्रंटलाइन कोरोना वर्कर्स विवेक कंवर, प्रधान कृषि प्रसार अधिकारी संघ ने कहा है कि सरकार ने सभी विभागों को प्राथमिकता दी है परंतु कृषि प्रसार अधिकारियों को प्राथमिकता नहीं दी गयी जबकि हमारा सीधा संपर्क किसानों से होता है उन्होंने कहा कि ये लोग हर रोज 300 से 400 के करीव किसानों के संपर्क में आते हैं और किसानों को बीज सप्लाई, दवाइयां तथा खाद सप्लाई करने आदि के कार्य करते हैं।

उन्होंने कहा कि जिला कांगड़ा में ही हमारे कई कर्मचारी कोविड-19 से संक्रमित हैं इसलिए हमारा सरकार से अनुरोध है कि कृषि प्रसार अधिकारियों को भी फ्रंटलाइन वर्कर्स की श्रेणी में शामिल किया जाए और कोविड-19 से बचाव के लिए मास्क, सैनिटाइजर और ग्लब्स उपलब्ध करवाए जाएं तथा सरकार की कोविड-19 इंश्योरेंस पॉलिसी में शामिल किया जाए।

वहीं कृषि प्रसार अधिकारी संघ के वित्तीय सचिव मनोज, अभिनव सूद प्रेस सचिव व सलाहकार सचिन ने कहा है कि सरकार द्वारा इस विभाग को अनदेखा नहीं करना चाहिए। लेकिन शनिवार को ही इसकी नोटिफिकेशन जारी की गई है जिसमें कृषि विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को फ्रंटलाइन कोरोना वर्कर्स घोषित कर दिया गया। जिसपर सभी ने सरकार का धन्यवाद किया है।

कृषि विभाग को भी फ्रंट लाइन कोरोना वर्कर्स का दर्जा मिला : वीरेंद्र कंवर

कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि यह मामला सरकार के ध्यान में था और आज ही कृषि विभाग को भी शामिल कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि आज सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में हर व्यक्ति कोरोना वॉरियर है उसे किसी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है।

कंवर ने कहा कि कृषि विभाग के समस्त कर्मचारी व अधिकारी कोरोना महामारी के खिलाफ युद्ध में फ्रंटलाइन में लड़ रहे हैं। इसलिए उन्हें मांग करने की जरूरत नहीं है। जयराम सरकार चरणबद्ध तरीके से सबको फ्रंटलाइन कोरोना वर्कर्स की क्षेणी में शामिल कर रही है। उन्होंने कहा आज ही उनके ध्यान में मामला आया और मैंने बात की।

जयराम सरकार ने कृषि विभाग के समस्त कर्मचारियों व अधिकारियों, स्टेट एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड, बागवानी विभाग, पब्लिक रिलेशन, रूरल डिवेलपमेंट व आवकारी एवं कराधान विभाग को भी फ्रंटलाइन कोरोना वर्कर्स की क्षेणी में शामिल कर लिया है जिसके वह हकदार थे।

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

पेट्रोल-डीजल पर लगेगा सेस, बिल पारित, जानिए कितने बढ़ेंगे दाम

हिमखबर डेस्क  हिमाचल विधानसभा में वैल्यू एडेड टैक्स में संशोधन...

फतेहपुर में पत्थर बन गया सरकारी सीमेंट, वायरल वीडियो से मचा हडक़ंप

फतेहपुर - अनिल शर्मा विकास खंड फतेहपुर के अधीन पंचायत...

पेट्रोल-डीजल पर अनाथ और विधवा सेस लगेगा, विरोध के बीच संशोधन विधेयक सदन में पारित

हिमखबर डेस्क  हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और डीजल पर अब...