अपात्र लोगों को लाभान्वित करने वाले अधिकारियों को देंगे नोटिस : नरदेव सिंह कंवर

--Advertisement--

2021-22 में डेढ़ वर्षों के दौरान बांटी गई 171 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि, हर बुध और शुक्रवार को फील्ड में फिजिकल वेरिफिकेशन करेंगे श्रमिक कल्याण अधिकारी।

हमीरपुर – हिमखबर डेस्क 

भवन निर्माण एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने कहा है कि अप्रैल 2021 से अक्तूबर 2022 तक लगभग डेढ़ वर्षों के दौरान हजारों अपात्र लोगों को कामगार के रूप में पंजीकृत करने के बाद बोर्ड की योजनाओं से लाभान्वित करने के मामलों में संलिप्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नोटिस जारी किए जाएंगे और दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सोमवार को यहां बोर्ड के मुख्यालय में राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करने के बाद पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए नरदेव सिंह कंवर ने बताया कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले के कुछ महीनों के दौरान ही प्रदेश में लगभग 70 हजार श्रमिकों का पंजीकरण किया गया और अप्रैल 2021 से अक्तूबर 2022 तक लगभग 171.61 करोड़ रुपये के वित्तीय लाभ धड़ाधड़ बांटे गए।

इसकी जांच के दौरान कई धांधलियां सामने आ रही हैं। इससे बोर्ड को भारी आर्थिक नुक्सान हुआ है और कई पात्र एवं जरुरतमंद कामगारों को वित्तीय लाभ नहीं मिल पाए।

उन्होंने बताया कि प्रदेश भर में अभी तक 1495 ऐसे लोगों का पता चला है, जिन्होंने गलत हथकंडे अपनाकर बोर्ड की योजनाओं का लाभ उठाया है।

इन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जा रही हैं। एफआईआर के डर से अब 5 अपात्र कामगारों ने बोर्ड को धनराशि वापस भी कर दी है।

नरदेव सिंह कंवर ने सभी जिलों के श्रम कल्याण अधिकारियों को 6 माह के अंदर कामगारों की हिम परिवार पोर्टल के माध्यम से ई-केवाईसी करने और प्रत्येक बुधवार एवं शुक्रवार को, यानि महीने के आठ दिन फील्ड में कामगारों की फिजिकल वेरिफिकेशन करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के स्पष्ट निर्देश हैं कि बोर्ड की सभी 14 योजनाओं का लाभ पात्र एवं जरुरतमंद कामगारों तक पहुंचना चाहिए। इसलिए, कामगारों की ई-केवाईसी और फिजिकल वेरिफिकेशन पर विशेष रूप से फोकस किया जा रहा है।

नरदेव सिंह कंवर ने बताया कि बोर्ड में 4.71 लाख से अधिक कामगारों का पंजीकरण हुआ है। जिला हमीरपुर में ही 81 हजार से अधिक और मंडी में लगभग 91 कामगारों का पंजीकरण किया गया है।

कामगारों के ये आंकड़े संदेहास्पद प्रतीत हो रहे हैं। ई-केवाईसी और फिजिकल वेरिफिकेशन के बाद पात्र एवं जरुरतमंद कामगारों को उनके हक मिलेंगे तथा उनका कल्याण एवं उत्थान सुनिश्चित होगा।

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

लोक गायक इंद्रजीत की एक पहल ने बदला ट्रेंड, मोनाल की जगह कृत्रिम ‘कलगी’ बनी लोगों की पहली पसंद

हिमखबर डेस्क ‘हिमाचली टोपी’ जिसे पहाड़ी टोपी भी कहा जाता है,...

स्कूल के समीप रंगड़ों ने मां समेत दो बच्चों पर किया हमला, अस्पताल में भर्ती

हिमखबर डेस्क जनपद के जोगिंद्रनगर उपमंडल के द्राहल क्षेत्र में...