शिमला के बालूगंज क्रॉसिंग में फिर दरका पहाड़, सड़क टूटी, रेन शेल्टर ध्वस्त

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शिमला – नितिश पठानियां 

राजधानी शिमला में बारिश की वजह से भूस्खलन की घटनाएं बढ़ रही हैं। बालूगंज क्रॉसिंग सड़क पर एक बार फिर भारी भूस्खलन हुआ है। यह सड़क पिछले कल सोमवार को अपराह्न चार बजे पहाड़ी दरकने से अवरुद्ध हो गई थी।

पहाड़ी से मलबा गिरने की आशंका से प्रशासन ने बैरिकेडिंग करते हुए इस सड़क को पूरी तरह बंद कर दिया था। जिला प्रशासन की ओर से एहतियात के तौर पर दोनों छोर पर पुलिस बल तैनात किया गया है।

मंगलवार रात करीब साढ़े नौ बजे इसी जगह पर पहाड़ी का बड़ा भूभाग दरका है। जिसका सारा मलबा व पेड़ सड़क पर आ गया। इससे सड़क किनारे बना लोकनिर्माण विभाग का रेन शैल्टर पूरी तरह ध्वस्त हो गया। मलबा गिरने से रेन शैल्टर पल भर में धराशायी हो गया।

पहाड़ी दरकने से बालूगंज से एडवांस स्टडी और विधानसभा को जाने वाली सड़क भी टूट गई। दरारें आने के कारण इस सड़क को पिछले कल ही एहतियातन बंद कर दिया गया था।

शिमला के उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बताया कि पहाड़ी के दरकने से किसी तरह का जानी नुकसान नहीं हुआ है। भूस्खलन वाली जगह को पिछले कल ही बंद कर दिया गया था। भूस्खलन से रेन शैल्टर ध्वस्त हुआ है।

उन्होंने कहा कि बालूगंज क्रॉसिंग के पास फिर से हुए भू – स्खलन से रेन शेल्टर के ध्वस्त होने की घटना सामने आई है। ऐसे में उक्त क्षेत्र में भारी आपदा को देखते हुए बुधवार को एक आपातकालीन बैठक बुलाई जाएगी।

इसमें भू स्खलन की जद में आए हुए भवनों के अधिकारी आपातकालीन बैठक में विशेष तौर पर मौजूद रहेंगे, जिनमें खासतौर पर इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ एडवांस स्टडी, दीपक प्रोजेक्ट , मृदा जांच कार्यालय, लोक निर्माण विभाग, स्टेट जियोलॉजिस्ट पुलिस व अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहेंगे।

अनुपम कश्यप ने कहा कि उक्त स्थान पर भारी भू स्खलन होने से आस पास के क्षेत्र में खतरा बना हुआ है जब तक स्थिति सामान्य नहीं होती है तब तक यातायात की वैकल्पिक व्यवस्था पहले की तरह ही रहेगी ।

उपायुक्त कश्यप ने कहा कि बालूगंज से क्रॉसिंग होते हुए जाने वाला यातायात अब वाया चक्कर से होकर भेजे जा रहें है।। वहीं बालूगंज से चौड़ा मैदान जाने वाले वाहन वाया समरहिल होकर भी जा पा रहे हैं।

उन्होंने शहर वासियों से अपील की है कि सड़क बहाल होने तक वैकल्पिक व्यवस्था में पूरी तरह सहयोग करें। इसके अलावा कार्यालय, स्कूल आने जाने वाले भी नई यातायात व्यवस्था के साथ सहयोग करें। इसके अलावा लोग अपने गंतव्य तक एडवांस में निकलना सुनिश्चित करें।

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