एनएचएआई निदेशक विक्रम सिंह मीणा और आरओ शिमला अब्दुल वासित ने किया शुभारंभ
काँगड़ा – राजीव जस्वाल
मटौर-शिमला एनएच पर कांगड़ा के दौलतपुर से तरसूह को जोडऩे वाली दोनों सुरंगों के छोर आपस में मिल गए हैं। इस मौके पर एनएचएआई के परियोजना के निदेशक विक्रम सिंह मीणा व आरओ शिमला अब्दुल वासित ने रिब्बन काटकर टनल को ब्रेक थ्रू किया।
कांगड़ा टविन ट्यूब टनल के भीतर विधिवत हवन यज्ञ कर इसके दूसरे छोर को खोला गया। उन्होंने बताया कि यह सुरंग कांगड़ा बाइपास पर बनाई जा रही है, जो रानीताल से कांगड़ा फोरलेन परियोजना का ही भाग है। इस परियोजना के पूरा होने पर रानीताल और कांगड़ा के बीच की लंबाई छह किलोमीटर कम हो जाएगी और यात्रा का समय 45 मिनट से घटकर केवल 15 मिनट रह जाएगा।
रिबन काटने के बाद परियोजना निदेशक विक्रम सिंह मीणा ने कहा कि दिंसबर तक सुरंग से यातायात बहाल करने का लक्ष्य है। सुरंग से यातायात बहाल होने के बाद लोगों को तीखे मोडों में सफर से निजात मिलेगी। विभाग की यह कोशिश रहेगी कि अगले छह महीनों में टनल को खोल दें।
ये रहे उपस्थित
इस अवसर अब्दुल बासित आरओ शिमला एएनएचएआई, विक्रम सिंह मीना परियोजना निदेशक एनएचएआई, संजय ओहरी टीम लीडर आईसीट, कवि राज परियोजना प्रबंधक (गाबर कंस्ट्रक्शन), नाइन पावर इन्फ्रा के अरुण कुमार, टनल प्रोजेक्ट मैनेजर अच्छूतन सहित कंपनी के सभी अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।
दोनों टनल की लंबाई 1200 मीटर (600-600 मीटर), ऊंचाई साढ़े दस मीटर, 13 मीटर चौड़ाई,
ढाया 15 वाई 11 मीटर, 31 दिसंबर तक ट्रैफिक दौड़ाने का टारगेट, सुरंग बनाने में 200 सदस्यों की टीम,
पहली सुरंग का नाम पी1, दूसरी का पी2, सुरंग निर्माण में एनएटीएम तकनीक का प्रयोग, सुरंग के अंदर वाहन चालकों को हर तरह की सुविधा, टनल में मोबाइल नेटवर्क की भी सुविधा

