शाहपुर – नितिश पठानियां
कांगड़ा फूलों की खेती किसान और नर्सरी मेन संगठन ने उप मुख्य सचतेक केवल सिंह पठानिया के समक्ष एपीएमसी अधिनियम के तहत विभिन्न फूलों, गमले वाले पौधों और उनके बीजों को शामिल करने के संबंध में अधिसूचना को रद्द करने का अनुरोध किया।
उंन्होने कहा कि हमारे समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय तत्काल संबोधित करने के लिए कांगड़ा फ्लावरग्रोवर और नर्सरीमेन संगठन की ओर से बताया कि एपीएमसी अधिनियम के तहत विभिन्न फूलों, गमले वाले पौधों और उनके बीजों को शामिल करने के संबंध में हालिया अधिसूचना से बहुत परेशान हैं।
हिमाचल प्रदेश कृषि और बागवानी उपज विपणन (विकास और विनियमन) अधिनियम 2005 की अनुसूची में निर्दिष्ट कांगड़ा जिले में इस अधिसूचना के कार्यान्वयन से हमारे क्षेत्र के विभिन्न नर्सरीमेन को नोटिस जारी किए गए हैं, जिससे उन्हें एपीएमसी के तहत पंजीकरण करने के लिए मजबूर किया गया है। ह
मारा संगठन लगभग 200 नर्सरीमेन का प्रतिनिधित्व करता है, जिनमें से सभी छोटे उत्पादक हैं। जिन्होंने लगन से अपने व्यवसायों को विकसित किया है, न केवल उनकी आजीविका में योगदान दिया है बल्कि लगभग 800 श्रमिकों के रोजगार में भी सीधे योगदान दिया है। इसलिए, इस अचानक नियामक बदलाव से अकेले हमारे जिले के लगभग 1000 परिवारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
हम इस अधिनियम के तहत नर्सरीमेन को व्यापारियों या दलालों के रूप में वर्गीकृत करने से आहत हैं, जबकि वास्तव में, हम दिल से किसान हैं। हमारे काम में पौधों का पोषण और खेती शामिल है, जो वाणिज्यिक व्यापार की तुलना में कृषि प्रथाओं के साथ अधिक निकटता से जुड़ा हुआ है। यह गलत वर्गीकरण न केवल हमारी पहचान को कमजोर करता है बल्कि कृषि क्षेत्र में नर्सरीमेन की अनूठी चुनौतियों और योगदान की भी उपेक्षा करता है।
उंन्होने कहा कि अब तक, नर्सरीमेन को बागवानी विभाग द्वारा विनियमित किया गया है, जिसने हमारे समुदाय के भीतर परिचितता और विश्वास की भावना को बढ़ावा दिया है। एपीएमसी नियमों को अचानक लागू करने से नर्सरीमेन के बीच भ्रम और अनिश्चितता पैदा हो गई है, जिससे स्थापित प्रथाएं और प्रक्रियाएं बाधित हो गई हैं।
उंन्होने बताया कि किसान हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीड़ हैं। उनके हितों की रक्षा करना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करना महत्वपूर्ण है। इसलिए उंन्होने आग्रह किया हैं कि इस अधिसूचना के कार्यान्वयन को तत्काल प्रभाव से निलंबित करें। इसी के साथ उंन्होने कहा है कि जब तक यह मामला संतोषजनक ढंग में हल नहीं हो जाता, तब तक एपीएमसी द्वारा किसी भी किसान को कोई नोटिस नहीं दिया जाएगा।
विधायक केवल पठानिया के बोल
वहीं विधायक केवल पठानिया ने कांगड़ा फूलों की खेती किसान और नर्सरी मेन संगठन को आश्वासन दिया की उनकी समस्याओं को कृषि मंत्री चौधरी चन्द्र कुमार ओर बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी के समक्ष उठा कर जल्द ही हल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कृषि बागवानी को बढ़ाबा देने के लिए काँग्रेस सरकार बचनबद्ध है। साथ ही किसानों को आधुनिक खेती करने के लिए सरकार द्वारा प्रोत्साहित किया जा रहा है।

