शिमला – नितिश पठानियां
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रतिष्ठित अरब हेल्थ 2024 कार्यक्रम का दौरा किया। इस दौरान मेडिकल डिवाइस और फार्मा क्षेत्र के निवेशकों के साथ महत्वपूर्ण वार्ता की और स्वास्थ्य सेवा पारिस्थितिकी तंत्र में हितधारकों से पर्याप्त रुचि पैदा की।
इसके परिणाम स्वरूप मंगलवार को संभावित निवेशकों के साथ सफल बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (बीटूजी) बैठकों की एक श्रृंखला आयोजित हुई। इस दौरान 2300 करोड़ रुपये से अधिक के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए। एमओयू चिकित्सा उपकरण, थोक दवा, पर्यटन, आयुष और हरित ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में किए गए हैं।
हर्षवर्धन चौहान ने भारत, संयुक्त अरब अमीरात, जापान और अन्य देशों की अग्रणी कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाले निवेशकों का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान दौरान उन्होंने हिमाचल प्रदेश को एक अनुकूल हरित निवेश गंतव्य में बदलने के लिए मुख्यमंत्री के दूरदर्शी लक्ष्यों को रेखांकित किया। चौहान ने बल्क ड्रग पार्क और मेडिकल डिवाइस पार्क पर प्रकाश डालते हुए राज्य में मजबूत फार्मा पारिस्थितिकी तंत्र पर जोर दिया।
निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए मंत्री ने बल्क ड्रग्स पार्क और मेडिकल डिवाइस पार्क दोनों के लिए विनिर्माण की लागत को कम करने के उद्देश्य से प्रमुख नीतिगत प्रोत्साहनों पर प्रकाश डालते हुए इस संबंध में राज्य की ओर से समर्थन देने का आश्वासन दिया। इसी का नतीजा रहा कि मंगलवार को करोड़ों रुपये के एमओयू साइन हुए।
किस क्षेत्र में कितना निवेश
क्रमांक सेक्टर राशि करोड़ में
1 थोक दवा 1100
2 चिकित्सा उपकरण 295
3 पर्यटन/आयुष 350
4 हरित ऊर्जा 350
4 हेल्थकेयर 250
ये रहे उपस्थित
एमओयू प्रधान सचिव उद्योग आरडी नजीम, उद्योग निदेशक राकेश कुमार प्रजापति, अतिरिक्त निदेशक तिलक राज शर्मा की मौजूदगी में हुए। इस दौरान अर्न्स्ट एंड यंग एलएलपी के पार्टनर पारस अरोड़ा, निदेशक नवरीत सिंह बेलिंग और वरिष्ठ सलाहकार दिनेश चौहान, वरिष्ठ सलाहकार भी मौजूद रहे।

