पंचायत कार्य में जिसने दिहाड़ी लगाई उसे नहीं मिले दिहाड़ी के पैसे, अन्य लोगों के खातों में दिहाड़ी के पैसे डालने के जड़े आरोप, मामला ज्वाली विधानसभा की नियांगल पंचायत का।
हिमखबर – व्यूरो रिपोर्ट
प्रदेश सरकार पंचायतों में मनरेगा सहित अन्य स्कीमों के तहत विकास करवाने का दावा कर रही है, लेकिन इन योजनाओं में गड़बड़झाला हो रहा है। निर्माण कार्य में कहीं घटिया मैटीरियल लगाने के आरोप लग रहे हैं, तो कहीं बिना काम किए ही मनरेगा की दिहाड़ी देने के आरोप हैं।
ऐसा ही मामला विकास खंड नगरोटा सूरियां के अधीन नियांगल पंचायत में उजागर हुआ है। यहां बिना कार्य में लगे ही लोगों के खाते में पैसे डालने की शिकायत हुई है। पंचायत नियांगल में लोगों ने पंचायत द्वारा करवाए गए कार्य पर सवाल उठाए हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि पंचायत द्वारा वार्ड नं. 4 की सैनी बस्ती में कुएं पर लेंटल डालने का डेढ़ लाख रुपए का कार्य करवाया गया, लेकिन जो लोग मौके पर काम में लगे थे, उन्हें दिहाड़ी नहीं दी गई, बल्कि अलग लोगों के खाते में ही पैसे डाल दिए गए।
वार्ड नं- 4 के अमित कुमार ने बताया कि वे खुद दिहाड़ी में लगे थे, लेकिन उनको उसके पैसे नहीं मिले। जिस व्यक्ति से पत्थर लिए हैं, उसे सिर्फ तीन हजार दिए गए, लेकिन कागजों में उसे 15 हजार रुपए दर्शाया गया।
उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति को 20 हजार रुपए डाले गए हैं, जिसके बारे में पंचायत प्रतिनिधियों से कोई स्पष्ट जबाब नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि इसकी शिकायत जुलाई 2023 में जिलाधीश कांगड़ा व मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में की गई, लेकिन आजतक कोई जांच नहीं की गई।
उन्होंने जिला पंचायत अधिकारी से मांग की है कि इस कार्य की जल्द से जल्द जांच करवाई जाए अन्यथा बीडीओ कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा।
जिला पंचायत अधिकारी नीलम कटोच के बोल
जिला पंचायत अधिकारी नीलम कटोच ने बताया कि शिकायत मिली है, जिस पर खंड विकास अधिकारी को जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

