लंज कॉलेज भवन निर्माण में हुई कोताही की पहली बरसात ने खोली पोल

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भवन में पानी का रिसाब, दीवारों पर सीलन से प्लास्टर निकलना शुरू, ग्राउंड में बनी झील

लंज – निजी संवाददाता

राजकीय महाविद्यालय लंज भवन निर्माण में की गई लापरवाही की पोल पहली वरसात ने खोलकर रख दी। आलम यह है कि कालेज छतों पर लगाई गई पाइपों से पानी कम व वाहर ज्यादा वहने के कारण पानी का रिसाव विल्डिंग के अंदर दिखना शुरू हो गया है जिसकी वजह से बहुत से कमरों में सिलन ने अपना प्रभाव दिखना शुरू कर दिया है।

यहां तक की कालेज सवसे उपर वाले फ्लोर पर वने हॉल का प्लास्टर भी कई जगहों से उखडना शुरू हो गया है व हॉल में कई जगहों से पानी टपकना शुरू हो गया है। वहीं कालेज के वरामदों में पानी की सही निकासी न होने के कारण वरामदों में पानी इक्कठे होने की बजह से फिसलन जैसे हालात वन गऐ है।

विल्डिंग में खिड़कियां पर लगाऐ गए शीशे भी गिरने कगार पर हैं। जो किसी वडी दुर्घटना को न्यौता दे सकते है। बुद्धिजीवियों ने बताया कि कालेज लगने वाले है व हर जगह पर वच्चे होते है ऐसे में शिशे के टुकड़े वच्चों पर गिर सकते है।

लोगों पूर्व प्रधान लंज खास रमेश चंद, वीडीसी मेंवर प्रितम सिंह, दशहरा कमेटी प्रधान विनोद चौधरी,व्यापर मंडल प्रधान नसीव सिंह राणा, संघर्ष समिति के प्रधान जन्म सिंह गुलेरिया, सिंटू भारद्वाज,राज कुमार,सुरेंद्र कुमार ने बताया कि विल्डिंग को देख कर साफ पता चलता है कि विल्डिंग वनाते समय ठेकेदार ने बहुत ही लापरवाही वरती है अन्यथा सिर्फ 6 महीनों में विल्डिंग के इस तरह के वुरे हालात न होते ।

वहीं उन्होंने प्रदेश सरकार व शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठनियां से मांग की है कि भवन निर्माण के दौरान कोताही वरतने वाले ठेकेदार के उपर कार्यवाही की जाए व भवन निर्माण के दौरान की गई कोताही को दूर करने के उक्त ठेकेदार से दोबारा कार्य करवाया जाए । उक्त ठेकेदार के कार्य करने पर रोक लगानी चाहिए ताकि भविष्य दोबारा इस तरह की भवन निर्माण के दौरान कोई ठेकेदार कोताही न वरते।

सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग के बोल

वहीं सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग उपमण्डल लंज अनुराग कौंडल से वात करने पर उन्होने कहा कि अगर पाईपें वंद होने से विल्डिंग में पानी आ रहा है तो वह जिमेवारी कालेज प्रशासन की है और अगर सिलिग टूट गइ है या सिलन आ रही है तो उक्त ठेकेदार को लिखित में वोला जाऐगा कि इनकी रिपेयर करें। वाकि में मौके पर जाकर देखुंगा कि क्या क्या कारण है।

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