शिमला – नितिश पठानियां
हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम के परिचालक ने ईमानदारी की मिसान पेश की है। दसअल बस में बैठी कोई सवारी सोने के गहनों से भरा बैग बस में ही छोड़ गया। कंडक्टर ने जब यह बैग देखा तो सवारियों से इसके बारे में पूछा। यह बैग किसी का नहीं था। इसके बाद इस बैग को खोलकर देखा तो इसमें सोने के गहने थे।
परिचालक का बैग में रखे लाखों के गहने देखकर ईमान नहीं डगमगाया। उसने वह बैग बस अड्डे में प्रभारी को सौंप दिया। रामपुर बस अड्डा प्रभारी को पूरी जानकारी के बाद बैग को वापिस उसके असली मालिक को सौंप दिया जाएगा।
वहीं अड्डा प्रभारी ने गहनों से भरा बैग लोस्ट प्रोपटी सैल में रख दिया है। जहां से बैग मालिक बैग व गहनों की पहचान के बाद बैग को ले जा सकता है। घटना रामपुर डिपो की है।
1 जुलाई को बस नंबर एचपी 06-2131 रामपुर-सराहन रूट पर गई थी। वहीं यह बस शाम को वापिस रामपुर वापिस आई और फिर रामपुर से कंडा कटमोल वांया निथर रूट पर चली गई।
लेकिन जब यह बस रूट पर वापिस आई तो बस कंडक्टर टिक्कम चंद ने बस की सीट पर देखा कि एक बैग पड़ा। बैग की जांच की गई तो उसमें गहने रखे हुए थे। ऐसे में कंडक्टर टिक्कम चंद ने यह गहनों से भरा बैग रामपुर बस अड्डा प्रभारी को सौंप दिया।
गहनों से भरा बैग उसके मालिक तक सुरिक्षत पहुंचाया जा सके इसके लिए निगम प्रबंधन ने रामपुर बस अड्डा प्रभारी का दूरभाष नंबर जारी किया है। बैग से संबधित जानकारी व्यक्ति 0178-2233131 नंबर पर हासिल कर सकते हैं।
वहीं बस अड्डा प्रभारी रामपुर से बैग की पहचान बताकर बैग हासिल कर सकते हैं। वहीं कंडक्टर की इस ईमानदारी को देखते हुए निगम प्रबंधन द्वारा कंडक्टर को सम्मानित भी किया जाएगा। एचआरटीसी के एमडी रोहन चंद ठाकुर ने भी कंडक्टर के इस ईमानदारी को लेकर सराहना की है।

