
कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राजनीति से संन्यास लेने का ऐलान किया है. उन्होंने “भारत जोड़ो यात्रा” से अपनी राजनीतिक पारी को विराम देने पर खुशी भी जताई है. साथ ही मौजूदा वक्त को कांग्रेस के लिए चुनौतीपूर्ण करार दिया.
नई दिल्ली – नवीन चौहान
रायपुर अधिवेशन के दौरान कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने राजनीति से संन्यास लेने के संकेत दे दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने आगामी लोकसभा चुनाव भी नहीं लड़ने की बात कही है।
उन्होंने कहा कि 2004 और 2009 के चुनाव में संप्रग की जीत ने मुझे व्यक्तिगत तौर पर संतुष्टि दी थी और मुझे इस बात की भी खुशी है कि भारत जोड़ो यात्रा अंंतिम पड़ाव पर पहुंच गई।
मुझे विश्वास है कि आगामी लोकसभा चुनाव से पूर्व यह यात्रा के लिए कांग्रेस के लिए अहम मोड़ साबित होगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस समय सबसे चुनौतीपूर्ण समय से गुजर रही है।
उन्होंने केंद्र पर हमला बोलते हुए कहा कि बीजेपी-आरएसएस ने देश की हर संंवैधानिक संस्था पर कब्जा कर रखा है। यही नहीं, कुछ व्यापारियों के हितों की खातिर मौजूदा सरकार द्वारा आर्थिक तबाही मचाई जा रही है, लेकिन हम इन लोगों की तनाशाही के आगे झुकने वाले नहीं हैं।
सोनिया ने आगे कहा कि भारत के लोग समानता और सहिष्ण और सद्भाव चाहते हैं, लेकिन मौजूदा सरकार इन तीनों के खिलाफ ही काम कर रही है।
पिछले दिनों देश में नफरत के कारण महिलाओं, आदिवासियों, गरीबों और पिछड़ों पर हमले किए गए। ये हमारी जि़म्मेदारी है कि हम इसे खत्म करें। कांग्रेस केवल एक पार्टी नहीं है ये एक विचार है और जीत केवल हमारी होगी।
सोनिया गांधी ने कहा, 2004 और 2009 में हमारी जीत के साथ-साथ डॉ मनमोहन सिंह के सक्षम नेतृत्व ने मुझे व्यक्तिगत संतुष्टि दी, लेकिन मुझे सबसे ज्यादा खुशी इस बात की है कि मेरी पारी भारत जोड़ो यात्रा के साथ समाप्त हो सकती है, जो कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है।
उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खड्गे को राजनीति का लंबा अनुभव है और ऐसे मुश्किल समय में कांग्रेस पार्टी को उनकी अध्यक्षता की आवश्यकता है। खड़गे की अध्यक्षता में हम इस मुश्किल समय को भी
