हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश में चिट्टे की तस्करी और नशा माफिया को लेकर सुक्खू सरकार की तरफ से अहम जानकारी दी गई है। सीएम सुक्खू ने शिमला में सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बताया कि चिट्टे से अर्जित करोड़ों की 17 प्रॉपर्टी को डिमोलिश किया गया। वहीं, अब स्कूल और प्रोफेसनल कॉलेजों में एडमिशन से पहले छात्राओं का ड्रग टेस्ट लिया जाएगा।
वहीं, सरकारी नौकरी में ज्वाइनिंग से पहले अब चयनित अभ्यर्थी का चिट्टे का टेस्ट होगा और यदि कोई आदी पाया जाता है तो उसे नौकरी नहीं मिलेगी। सीएम सुक्खू ने कहा कि अब तक 122 सरकारी कर्मचारी चिट्टे की तस्करी में संलिप्त हैं, इनमें से 31 को बर्खास्त किया गया।
सीएम ने बताया कि 21 पुलिस कर्मचारी ऐसे हैं जिन्हें नौकरी से बर्खास्त किया गया है और शिक्षा विभाग के 10 कर्मी भी चिट्टा स्मलिंग में बर्खास्त किए गए हैं। पंजाब पुलिस का कर्मचारी भी नशा तस्करी में पकड़ा गया है।
प्रेस वार्ता में सीएम बोले कि दिसंबर 2022 में जब से हमारी सरकार बनी, उसके बाद नशे के खात्मे के लिए पिट एनडीपीएस एक्ट को लागू किया। चिट्टे ने पूरे समाज पर असर डाला है और इसके खात्मे किए लिए हमारी सरकार ने बीते साल एक बड़े चिट्टे मुक्त अभियान की शुरुआत की और अब ये अभियान जन आंदोलन बन गया है।
सीएम ने बताया कि सरकार ने चिट्टे को लेकर एक स्पेशल टास्क फोर्स का भी गठन किया है। अब तक चिट्टे के सेवन में और मामलों में अब तक 12 हजार व्यक्तियों की पहचान की गई है। हिमाचल में चिट्टे को लेकर 234 पंचायतें अतिसंवेदनशील हैं, कुछ पंचायतें रेड जोन में हैं। इसमें शिमला में 19, सोलन में 9, पुलिस जिला बडी में 26, मंडी में 24, कुल्लू में 26 पंचायतें हैं।
बकौल सुक्खू, हिमाचल पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत 6811 मामले दर्ज किए गए हैं, जो पूर्व सरकार की तुलना में 33 फीसदी ज्यादा है। हमारी सरकार के अब तक के कार्यकाल में 10 हजार से ज्यादा आरोपी गिरफ्तार किए गए, 45 हजार किलो से ज्यादा नशा पकड़ा गया।
पूरे देश में पिट एनडीपीएस के मामले में कार्रवाई को लेकर हिमाचल पुलिस अव्वल है। सीएम ने कहा कि चिट्टे की आदी बेटियों के लिए इसी वर्ष डी-एडिक्शन सेंटर खोले जाएंगेv वहीं, फिर से एक सरकार बड़ा अभियान शुरू करेगा।

