
ज्वाली – व्युरो
ज्वाली विधानसभा हल्के में भाजपा की कार्यकारिणी की दो दिवसीय कार्यशाला में गुटबाजी की चिंगारी एक बार फिर भड़क उठी है। हल्के में भाजपा प्रत्याशी रहे संजय गुलेरिया के समर्थक चुनावी हार की बौखलाहट से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं और हार का ठीकरा पूर्व विधायक अर्जुन ठाकुर सहित भाजपा मंडल अध्यक्ष व महामंत्री पर फोड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे।
शुक्रवार को ज्वाली भाजपा की कोटला में आयोजित बैठक में मंडल अध्यक्ष उत्तम धीमान की अध्यक्षता में दीप प्रज्वलित किया गया। जिसमें उत्तम धीमान और महामंत्री चैन सिंह ने कहा कि अपेक्षित सदस्य ही यहां बैठे जिस पर संजय समर्थक भड़क उठे और उन्होंने कहा कि हम भी पार्टी के लोग हैं जिस पर दोनों गुटों में आपस में बहस बाजी शुरू हो गई और नौबत धक्का-मुक्की तक आ गई।
जिससे उत्तम धीमान और महामंत्री चैन सिंह जैसे ही बाहर निकले तो संजय समर्थकों ने उनसे कार्रवाई रजिस्टर छीन लिया और संजय समर्थकों ने बैठक की दूसरे महामंत्री मनोज कुमार की अध्यक्षता में बैठक की और बैठक करने के बाद संजय समर्थक चले गए बाद में दोबारा उत्तम धीमान की अध्यक्षता में जिलाध्यक्ष रमेश राणा, पूर्व विधायक अर्जुन सिंह और कार्यसमति के कुछ सदस्यों ने पुनः बैठक की जिसमें कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गई ।
जिसमें भाजपा प्रदेश सचिव विशाल चौहान व प्रदेश कार्यसमिति सदस्य प्रदीप शर्मा , प्रदेश भाजपा ओबीसी उपाध्यक्ष योगराज मेहरा विशेषतौर पर शामिल हुए।
कार्यशाला में जैसे ही मंडलाध्यक्ष उत्तम धीमान व महामंत्री चैन सिंह कार्यशाला में पहुंचे तो भाजपा प्रत्याशी रहे संजय गुलेरिया समर्थक उनको देखकर भड़क उठे और विधानसभा चुनाव में मिली हार के लिए उनके खिलाफ खूब गुबार निकाला।
गुलेरिया समर्थकों ने मंडलाध्यक्ष व महामंत्री से जवाली में भाजपा की हार का कारण पूछा तथा मंडलाध्यक्ष उत्तम धीमान, महामंत्री चैन सिंह सहित पूर्व विधायक अर्जुन सिंह व उनके करीबियों को भीतरघाती करार दिया। कार्यकर्ताओं ने मंडलाध्यक्ष उत्तम धीमान व महामंत्री चैन सिंह को खूब खरी खोटी सुनाई।
कोई भी जबाब न दे पाने व अपनी फजीहत को होते देख कार्रवाई रजिस्टर को छोड़कर मंडलाध्यक्ष उत्तम धीमान व महामंत्री चैन सिंह कार्यशाला मैं धक्का-मुक्की होने पर बैठक वहां से छोड़कर वहां से जान बचाकर भागे। उनके जाने के बाद में मंडल महामंत्री मनोज कुमार को कार्रवाई रजिस्टर दिया गया। संजय समर्थकों ने मंडल को भंग करने का प्रस्ताव डाला।
कार्यशाला के पहले दिन ही ज्वाली भाजपा की गुटवाजी की लड़ाई एक बार फिर सड़कों पर आ गई है और हालत यही रही तो 2024 के लोक सभा चुनाव में जीत का परचम फहराने के दावों पर भाजपा की मुश्किलें और भी बढ़ सकती हैं। अब देखना यह है कि भाजपा हाई कमान ज्वाली भाजपा की इस अनुशासनहीनता व गुटबाजी को रोकने के लिए क्या कार्रवाई अमल में लाती है।
मंडलाध्यक्ष उत्तम धीमान के बोल
इस बारे में मंडलाध्यक्ष उत्तम धीमान ने कुछ भी कहने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि कोटला में जवाली भाजपा की मीटिंग थी तथा वह उसमें भाग लेने गए थे। उन्होंने कहा कि यह पार्टी का परिवारिक मसला है जिसको बैठ कर सुलझा लिया जाएगा।
