
नाहन, 03 फरवरी – नरेश कुमार राधे
श्री रेणुका जी वैटलैंड की झील में 413 विदेशी मेहमान खूब अठखेलियां कर रहे हैं। साइबेरिया से लंबी उड़ान भर कर हर साल आने वाले परिंदों की गणना का कार्य किया जा रहा है। 2 फरवरी तक की रिपोर्ट के मुताबिक झील में 413 परिंदे मौजूद पाए गए।
वन्य प्राणी विभाग ने वन परिक्षेत्र अधिकारी नंद लाल के नेतृत्व में तीन टीमों का गठन किया, इसमें डिप्टी रेंजर वीरेंद्र शर्मा, वनरक्षक कंवर सिंह, गुलशन कुमार को शामिल किया गया था।
झील में सबसे अधिक 305 जल मुर्गियां पहुंची हैं। कुल 12 प्रजातियों के परिंदे रिपोर्ट हुए हैं। खास बात ये है कि विदेशी मेहमानों की दो प्रजातियों के कुनबे से केवल एक-एक पक्षी ही पहुंचा है।
झील में जलमुर्गी के अलावा मलाड़ व कूट प्रजातियों की संख्या क्रमशः 41 व 35 है। लंबे अरसे से झील में बढ़ती गाद पक्षियों के लिए निराशा का सबब बनी है। झील का एक छोर दलदल बन चुका है।
विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी मेहमानों को आकर्षित करने के लिए वैटलैंड में कुदरत ने काफी कुछ दिया है, लेकिन ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
गौरतलब है कि वन्य प्राणी विभाग द्वारा जनवरी व फरवरी के महीनों में हिमाचल के जलाशयों में विदेशी मेहमानों की गणना की जाती है। उधर, वन परिक्षेत्र अधिकारी नंद लाल ने बताया कि वैटलैंड में 413 विदेशी परिंदे रिपोर्ट हुए हैं।
