
मंडी, 14 दिसंबर – डॉली चौहान
हिमाचल प्रदेश में सरकार ने नगर परिषद व नगर निगमों में रात्रि ठहराव के लिए ओर ऐसे लोगों को छत देने की योजना शुरू की जो शहरों में फुटपाथ या अन्य स्थानों पर मजबूरी में रात गुजारते हैं।
इसी के तहत 2015 में उस समय की कांग्रेस सरकार ने मंडी शहर में भी एक रैन बसेरे का शिलान्यास किया था, जिसका काम 7 वर्ष बीत जाने के बाद भी शुरू नहीं हुआ। शुरू होगा या फिर नहीं इस बात की भी जानकारी नहीं है।
इस बारे में जब नगर निगम के अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अभी फिलहाल के लिए शहर के टाउन हॉल में जहां पर अभी कुछ महीने पहले तक नगर निगम का अस्थाई कार्यालय था।
वहीं पर अस्थाई तौर पर लोगों के लिए रैन बसेरों की व्यवस्था की गई है। जिसमें पेड और फ्री लगभग 18 बेड लगाए गए हैं। यहां पर ऐसे लोग जो शहर में किसी मजबूरी में रुकना चाहते हैं, वह रुक सकते हैं।
नगर निगम के संयुक्त आयुक्त कृष्ण कुमार शर्मा ने बताया कि इसके लिए एक समिति का गठन भी किया गया है, जिसमें सभी विभागों का समन्वय रहता है। इसके साथ ही शहर के गुरु गोबिंद सिंह गुरुद्वारा में भी दो कमरों को रैन बसेरे की सेवा के लिए खाली रखा जाता है, जहां पर जरूरतमंदों को ठहराया जाता है। उन्होंने बताया कि रैन बसेरा न होते हुए भी नगर निगम अपने स्तर पर लोगों को सेवाएं दे रही है।
निगम ने अस्थाई रैन बसेरे की व्यवस्था होने के बाद शहर में ऐसे लोगों की रात को खोजबीन करने के लिए टीमें गठित की है। वह जरूरतमंद लोगों की तलाश करते हैं और रात गुजारने के लिए रैन बसेरे में लाते हैं।
इसके साथ ही आम लोगों को इस बारे में सूचित करने के लिए शहर के सार्वजनिक स्थानों जैसे बस अड्डा, अस्पताल आदि में पोस्टर भी लगाए गए हैं। शहर में किसी के पास यदि रात को रुकने, खाने आदि के लिए व्यवस्था नहीं है तो वह रैन बसेरे की सेवाएं ले सकते हैं।
बता दें कि 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह ने मंडी में रैन बसेरे का शीलान्यास किया था, लेकिन 2017 में सरकार बदलने के बाद रैन बसेरे का काम ठंडे बस्ते में पड़ गया।
पिछली सरकार ने भी इसे बनाने में कोई रूची नहीं दिखाई। उम्मीद यही जताई जा रही है कि अब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने से मंडी में स्थाई रैन बसेरा बनेगा।
