
चम्बा – भूषण गुरुंग
पियुहरा पंचायत के स्कूली बच्चे जान जोखिम में डालकर क्षतिग्रस्त रास्ते को पार कर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला छतराड़ी में पहुंचने के लिए मजबूर हैं। परोली में एक माह पहले भूस्खलन के कारण पैदल रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया था।
हैरानी की बात है कि पंचायत स्तर पर पास कर भेजे गए प्रस्ताव को अभी तक मंजूरी नहीं मिल पाई है। इसका खामियाजा स्कूली बच्चों समेत यहां से होकर गुजरने वाले ग्रामीणों को उठाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि विभागीय अधिकारियों को परोली में क्षतिग्रस्त रास्ते की मरम्मत करवाने के लिए निर्देश जारी किए जाएं जिससे किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
योगराज, प्रकाश चंद, दिलीप कुमार, सुरेंद्र, रंजीत कुमार, अमित कुमार आदि ने बताया कि पियुहरा पंचायत को छतराड़ी से जोड़ने वाला रास्ता चौंड़ माता मंदिर के पास परोली नामक स्थान पर भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त हो चुका है।
पियुहरा पंचायत से छतराड़ी स्कूल में करीब 60 विद्यार्थी पढ़ने के लिए जाते हैं। हालात यह हैं कि यहां से होकर गुजरने वाले बच्चों को पकड़कर रास्ता पार करवाना पड़ रहा है।
क्षतिग्रस्त रास्ता पार करते समय जरा सी चूक बड़े हादसे का कारण बन सकती है। उन्होंने कहा कि कई बार पंचायत प्रतिनिधि और विभाग को इस समस्या के बारे में अवगत करवाया जा चुका है लेकिन समस्या का समाधान अभी तक नहीं हो पाया है।
छतराड़ी पंचायत प्रधान महंतो राम ने बताया कि पंचायत की ओर से प्रस्ताव पारित कर संबंधित विभाग को स्वीकृति के लिए भेज दिया गया है लेकिन आदर्श आचार संहिता के कारण कार्य लटका हुआ है।
