28 किमी पैदल चल भरमौर के आखिरी गांव में निरीक्षण करने पहुंच गए बीडीओ

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बीडीओ ने पर्यटन के लिहाज से उभरने वाले धार्मिक स्थलों का भी किया भ्रमण, पुली, रास्तों, पनिहार आदि विकास कार्यों का निरीक्षण, कमियां दूर करने के निर्देश

हिमखबर डेस्क

भरमौर विधानसभा क्षेत्र के सबसे अंतिम गांव एहलमी में मैहला के खंड विकास अधिकारी 28 किलोमीटर पैदल सफर तय कर विकास कार्यों का निरीक्षण करने पहुंचे। विकास खंड मैहला में पहली बार कोई खंड विकास अधिकारी सबसे दुर्गम और अंतिम गांव में विकास कार्यों का औचक निरीक्षण करने गया हो।

नालों में लकड़ी और पत्थरों से बने अस्थायी पुली को पार करते हुए खंड विकास अधिकारी ने 28 किमी का पैदल सफर तय किया। उनके साथ अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे। शुक्रवार को वह अपने कार्यालय से बिना बताए अपनी टीम को साथ लेकर एहलमी गांव के लिए रवाना हो गए।

हर बार सुनने को मिलता है कि दूरस्थ गांव में विकासात्मक कार्य सिर्फ कागजों में ही होते हैं। इसी बात की सत्यता का पता लगाने के लिए बीडीओ ने मौके पर जाकर जांच करने की ठान ली। शुक्रवार को अपना आधा सफर कर वह गिरड माता के मंदिर पहुंचे। यहां रात्रि ठहराव किया।

शनिवार को एहलमी गांव का सफर तय किया। इस दौरान रास्ते में पड़ने वाले उन सभी धार्मिक स्थानों का भ्रमण किया, जो पर्यटन की दृष्टि से विकसित हो सकते हैं। ऐसे में आने वाले समय में इन धार्मिक स्थानों तक पहुंचने के लिए कई विकासात्मक कार्य हो सकते हैं।

खंड विकास अधिकारी ने एहलमी गांव में जाकर सबसे पहले पुली, रास्तों, पनिहार सहित अन्य विकासात्मक कार्यों का औचक निरीक्षण किया। जहां कोई कमी नजर आई, वहां इन्हें दूर करने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मचारियों को दिशा-निर्देश भी जारी किए। हालांकि, अचानक अपने गांव में खंड विकास अधिकारी को पाकर कई पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मचारियों के हाथ-पांव फूल गए।

खंड विकास अधिकारी रमनवीर चौहान के बोल

खंड विकास अधिकारी रमनवीर चौहान ने बताया कि दुर्गम क्षेत्र में होने वाले विकासात्मक कार्यों का निरीक्षण करने के लिए उन्होंने यह सफर किया। गांव में कई विकास के कार्य हुए हैं, जिनका लोगों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मचारियों को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए हैं।

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