सोलन – रजनीश ठाकुर
झाड़माजरी स्थित परफ्यूम कंपनी में सर्च अभियान के दौरान रविवार को तीसरी मंजिल के मलबे में दो कंकाल मिले हैं। जिन्हें पुलिस ने कब्जे में लेने के बाद नालागढ़ अस्पताल में शिनाख्त के लिए भेज दिया है। यहां पर अगर शिनाख्त नहीं होती है तो डीएनए टेस्ट कराने के बाद फोरेंसिक जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
परफ्यूम कंपनी में लोक निर्माण विभाग, दमकल, पुलिस, एसडीएफआर और प्रदूषण बोर्ड की ओर से सर्च अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान तीसरी मंजिल के मलबे से हड्डियों के दो ढांचे मिले। यह कंकाल किसी लापता कामगार के हो सकते हैं।
पुलिस ने इन कंकालों को नालागढ़ अस्पताल भेज दिया गया है। जहां पर परिजनों को बुलाया जाएगा। अगर शिनाख्त नहीं होती है तो इनका डीएनए टेस्ट किया जाएगा। कंपनी में आग लगने के बाद 30 कामगार घायल हो गए थे और 8 लापता हैं। दूसरे दिन दो शौचालयों से चार शव मिल थे। तीन की शिनाख्त हो गई थी। शिनाख्त होने पर तीनों को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया था। वहीं एक की अभी तक शिनाख्त नहीं हो पाई है।
पुलिस ने सभी लापता कामगारों के परिजनों के डीएनए टेस्ट कराने के बाद जांच के लिए फोरेंसिक प्रयोगशाला जुन्गा भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद ही चौथे शव का पता चलेगा। लेकिन शव काफी पुराना होने से पुलिस ने शव का डीएनए कराने के बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया है।
अब तक मिल चुके हैं छह शव
अब तीन कामगार लापता हैं। छह के शव मिल चुके हैं। डीएसपी खजाना राम ने बताया कि पुलिस ने दो कंकालों को कब्जे में ले लिया है और नालागढ़ अस्पताल भेज दिया है। जहां पर उनकी शिनाख्त की जाएगी। अगर उनकी पहचान नहीं होती है तो डीएनए टेस्ट कराया जाएगा, और परिजनों से डीएनए से मिलाया जाएगा। सर्च अभियान सोमवार को भी जारी रहेगा।
अग्निकांड यह हैं लापता
अग्निकांड में पांच कामगार लापता चल रहे है, जिनमें काजल ,चंपो, काजल भारती, कल्पना और विजय दूबे शामिल है। अभी तक फैक्टरी के भीतर से बरामद हुए छह शवों में से तीन की ही शिनाख्त हुई है।
केमिकल के 80 ड्रम हटाए
एनआर अरोमा फैक्टरी परिसर से ज्वलनशील केमिकल वेस्ट हटाने का काम तीसरे दिन भी जारी रहा। शिवालिक ठोस कचरा प्रबंधन संयंत्र की टीम ने परफ्यूम फैक्टरी से रविवार को केमिकल के 80 ड्रम सुरक्षित बाहर निकाले और दभोटा स्थित संयंत्र तक पहुंचाए। अब तक फैक्टरी के भीतर से 120 से ज्यादा ड्रम केमिकल के निकाले जा चुके है। बीते शनिवार फैक्टरी में पड़े केमिकल में आग लगने से अफरा तफरी मच गई थी।
उद्योग में एमर्जेंसी रास्ता न होने से हुई मौतें
अब तक की पड़ताल में परफ्यूम फैक्टरी में सुरक्षा इंतजामों को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फैक्टरी संचालकों ने बाहर निकलने के लिए न कोई कोई आपातकालीन रास्ता बनाया था,न ही आगजनी से निपटने के लिए पुखता प्रबंध थे।
यही नहीं, प्लांट में जो स्टोर बनाया हुआ था, उसमें भी बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के भारी मात्रा में ज्वलनशील केमिकल रखा हुआ था। यही वजह रही है की जब आग लगी तो केमिकल उसकी जद में आ गया और हालात बेकाबू हो गए। एसआईटी कंपनी मालिकों की धर पकड़ के लिए भी दबिश दे रही है लेकिन अभी तक सभी गिरफत से बाहर है।

