दो साल के बाद भी बस कंडक्टर से कम सैलरी पर काम करने को मजबूर कृषि प्रसार अधिकारी

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दो साल के बाद भी बस कंडक्टर से कम सैलरी पर काम करने को मजबूर कृषि प्रसार अधिकारी, बीएससी एग्रीकल्चर के चार वर्षीय डिग्री धारकों ने मांगा बढ़ा हुआ वेतनमान ।

देहरा – आशीष कुमार 

कृषि विभाग हिमाचल प्रदेश के कृषि प्रसार अधिकारियों को चार वर्ष के डिग्री कोर्स के बावजूद बस कंडक्टर से भी कम वेतनमान प्रदान किया जा रहा है। जिसको लेकर कृषि प्रसार अधिकारियों में रोष व्याप्त है।

कृषि प्रसार अधिकारियों का कहना है कि कृषि प्रसार अधिकारियों को वर्तमान में दो वर्षों के सेवाकाल के बाद भी 5910-20200-2800 का वेतनमान दिया जा रहा है। जबकि इस पद के लिए उनकी योग्यता बीएससी एग्रीक्लचर चार वर्षीय डिग्री के साथ मान्यता प्राप्त कृषि विश्वविद्यालयों से पूरी हुई है।

कृषि प्रसार अधिकारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष विवेक कंवर, एडवाइजर डॉ सचिन धीमान, मनु नाग, नरेंद्र कुमार, कुशल देव, रामकुमार, स्वाति, मनोज, कमल किशोर, राजा राम, सोमराज सहित दर्जनों अधिकारियों ने इस दौरान ऊना जिला के थानाकलां के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर को ज्ञापन सौंपकर कृषि प्रसार अधिकारियों के वेतनमान को बढ़ाने का आग्रह किया है।

जिसमें संघ ने अपनी वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए अपनी मांग रखी। कृषि प्रसार अधिकारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ विवेक कंवर का कहना है कि कृषि विभाग में 95 प्रतिशत कृषि प्रसार अधिकारी वर्तमान में बीएससी चार वर्षीय डिग्री धारक सेवाएं दे रहे हैं।

जबकि जमा दो योग्यता वाले क्लर्क, बस कंडक्टर व फॉरेस्ट गार्ड से भी अन्य विभागों में वर्तमान में दो वर्षों की सेवाओं के बाद 10300-34800 व 3200 का पे स्केल प्राप्त कर रहे हैं।

कृषि प्रसार अधिकारियों ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि जब सभी डिग्रीधारक एईओ को दो वर्षों की नियमित सेवाकाल के बाद बागबानी विभाग के जूनियर इंजीनियर व मार्केटिंग सुपरवाइजर की तर्ज पर बढ़ा हुआ वेतनमान दिया जाए।

एईओ का कहना है कि प्रदेश सरकार की कृषि योजनाओं को किसानों तक पहुंचाने में कृषि प्रसार अधिकारियों का महत्त्वपूर्ण योगदान है। लिहाजा उनकी जायज मांग को पूरा किया जाए।

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