आपदा में 24 घंटे सेवाएँ देने में प्रशासन तत्पर – एसडीएम

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मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए कंट्रोल रूम स्थापित

गोहर/मंडी – अजय सूर्या 

मॉनसून सीजन के दौरान किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा की स्थिति में प्रभावित लोगों के बचाव व राहत कार्य के लिए उपमंडल स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है ।

इस बारे में जानकारी देते हुए एसडीएम गोहर लक्ष्मण सिंह कनेट ने कहा कि आपदा की स्थिति में लोगों को तुरंत राहत देने के लिए उपमंडल कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है तथा कंट्रोल रूम का नंबर 01907-250208 है यह कंट्रोल रूम मानसून के दौरान 24 घंटे सेवाएं देने के लिए स्थापित किया गया है और आपदा की स्थिति में इस नंबर पर संपर्क किया जा सकता है ।

इसके अतिरिक्त सब डिविजनल लेवल पर डिजास्टर मैनेजमेंट का व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया है जहां उपमंडल स्तर के सभी विभागों के अधिकारी व फील्ड स्टाफ और पटवारी ,सेक्रेटरी ,पंचायत के सभी सदस्य को भी जोड़ा गया है और मौसम विभाग के द्वारा पूर्व आकंलन की सभी सूचनाएं इस ग्रुप में भेजी जाती हैं तथा फिर स्टाफ को निर्देश दिए गए हैं कि मौसम विभाग से संबंधित विभिन्न तरह की सूचनाओं से स्थानीय लोगों को अवगत करते रहें।

उन्होंने कहा कि प्रशासन किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने के लिए तत्पर है क्योंकि प्रशासन के द्वारा कंट्रोल रूम में तीन टीमें में स्थापित की गई हैं जो पूरी तरह से किसी भी तरह की आपदा से निपटने के लिए जैसे ही कहीं पर बारिश का अलर्ट आता है या बारिश होती है तो इन टीमों के द्वारा पंचायत सेक्रेटरी ,पटवारी, पटवारी सहायक, प्रधान और आम लोग से संपर्क कर सूचना एकत्रित की जाती है ताकि प्रशासन पूरी तरह तैयार रहे और सक्रिय होकर आपदा के दौरान बचाव व राहत कार्य कम से कम समय में शुरू कर सकें।

उन्होंने स्थानीय लोगों से आह्वान किया है कि मानसून के दौरान खड्डों व नालों से दूर रहें क्योंकि बारिश के कारण खड्डा वालों का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है जिसे जान- माल को नुकसान होने की संभावना बनी रहती है और मानसून के दौरान अनावश्यक यात्राओं व पर्यटक स्थलों में जाने से परहेज करें।

क्योंकि मानसून के दौरान सड़कों का बंद होना, नदी नालों का जलस्तर बढ़ना, पेड़ गिरना जैसी समस्याओं से यात्रियों को सामना करना पड़ सकता है जिससे जान माल का नुकसान हो सकता है इसलिए जरूरी काम होने पर ही यात्रा करें तथा लोगों से आग्रह किया है कि मौसम विभाग व जिला प्रशासन के द्वारा मानसून के दौरान दी गई सूचना का गंभीरता से पालन करें।

उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान उभरने वाली प्रमुख बीमारी डायरिया के पनपने की संभावना बनी रहती है इसलिए उबले हुए पानी को ही पिएं, साफ व स्वच्छ हरी सब्जियों का प्रयोग करें व घरों के आसपास व शौचालय में साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें ताकि मक्खी- मच्छर से पैदा होने वाली बीमारियों से भी बचा जा सके।

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