
मंडी – अंशुल दीक्षित
हिमाचल प्रदेश की नारी तेंदुए पर भारी पड़ गई। जिला मंडी में सरकाघाट उपमंडल की चोलथरा पंचायत के रोपड़ गांव की महिला पर घास काटने के दौरान तेंदुए ने हमला कर दिया। जिंदगी खतरे में होने के बावजूद महिला ने हिम्मत नहीं हारी और शेरनी जैसा हौसला दिखाते हुए तेंदुए से भिड़ गई।
घास काटने के लिए हाथ में दराटी थी। उसी से महिला ने तेंदुए पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। तेंदुआ तीन बार झपटा, लेकिन हर बार महिला ने हिम्मत से उसका सामना किया। घायल महिला सरकाघाट अस्पताल में उपचाराधीन है।
रोपड़ गांव की रहने वाली देवकी पत्नी प्रीतम देर शाम घर के पास ही जंगल में पशुओं के लिए चारा लाने गई थी। जब वह घास काट रही थी तो वहां पहले से घात लगाए बैठे तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। तेंदुए ने देवकी देवी को टांग से पकड़कर नीचे की ओर ले जाने लगा, लेकिन देवकी देवी ने साहस नहीं खोया।
हाथ में पकड़ी हुई दराटी से उस पर वार करना शुरू कर दिए साथ ही शोर भी मचाया। दराटी के वार से तेंदुए ने देवकी देवी को छोड़ दिया, लेकिन थोड़ी दूर से उस पर फिर हमला किया।
देवकी ने पुन: उसका सामना किया और तेंदुआ फिर पीछे हटा। तीसरी बार फिर तेंदुए ने देवकी को गर्दन से पकडऩे की कोशिश की लेकिन उस समय गांव वाले डंडे और लाठियां लेकर उसकी सहायता के लिए आ गए और तेंदुआ वहां से भाग गया।
ग्रामीणों ने देवकी देवी को नागरिक अस्पताल सरकाघाट पहुंचाया। पंचायत प्रधान मेहर चंद गारला ने वन विभाग से देवकी देवी का इलाज करवाने का खर्च उठाने की मांग की है।
वहीं, वन अधिकारी मदनलाल ने बताया कि देवकी देवी के इलाज के खर्च का भुगतान करने के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा है। जैसे ही स्वीकृति मिलेगी देवकी देवी को इलाज का खर्च दे दिया जाएगा।
