
शाहपुर – नितिश पठानियां
प्रदेश कांग्रेस महासचिव केवल सिंह पठानिया ने आज सुबह ही भारी बारिश के बीच विधानसभा क्षेत्र शाहपुर के चंबी बाजार, पंचायत गोरड़ा, पंचायत डोहब, पंचायत मँझगरा, हाईट कॉलेज के पास भारी बारिश से होने पर हुए नुकसान का जायजा लिया और राहत एव बचाव का काम किया।
पठानिया ने विधानसभा क्षेत्र के अलग अलग जगह पर हुए नुकसान को लेकर प्रभावित परिवारों के प्रति गहरा दुःख सम्बेदना जताई और कहा कि अभी तक प्रशासन का कोई भी अधिकारी कही भी मौके पर नही पहुँचा है। इस दुखद घड़ी में जनता के साथ ना सरकार नाम की कोई चीज और ना ही प्रशासन दिख रहा है।
पठानिया ने पंचायत गोरड़ा में जा कर नसीब सिंह के घर ढहने से उनके बेटे के आयुष मलबे के नीचे दब कर मौत होने पर गहरा दुख जताया और हुए नुकसान को लेकर मुआयना किया। नसीब सिंह एव पूरे परिवार के प्रति गहरी संवेदना ब्यक्त की।
उसके बाद पठानिया ने चंबी में जा कर कहा कि भूस्खलन से मलबे के नीचे कई दुकानें दब गई और सुबह से नेशनल हाई बे बन्द पड़ा है लेकिन कोई भी NH विभाग का अधिकारी न ही प्रशासन का कोई अधिकारी मौके पर पहुँचा है।
पठानिया ने जिलाधीश महोदय से फोन पर सम्पर्क करके कहा कि लोकनिर्माण बिभाग एव SDM शाहपुर के अधिकारियों को निर्देश दे कि जल्द से जल्द NH को खोल कर यातायात को सुचारू रूप से बहाल किया जाए जिससे जनता को राहत मिले।और विधानसभा क्षेत्र शाहपुर में जगह जगह पर हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए अधिकारियों को भेजा जाए। जिससे प्रभावित लोगों को राहत दी जाए।
प्रभावित लोगों के बोल
प्रभावित लोगों का कहना है कि रात भर बारिश होने पर घरों,गौशाला, दुकानों में हुए नुकसान पर कोई भी राहत बचाव के लिए प्रशासन का अधिकारी नही आया है न ही सरकार का कोई बरसात के दिनों में जनता को बचाने का कोई योजना तैयार नही की है।
क्या कहते है शाहपुर कांग्रेस सोशल मीडिया प्रभारी
सोशल मीडिया प्रभारी विनय ठाकुर ने कहा कि आज सही मायने में जनता को पता चला कि विधानसभा क्षेत्र का बिधायक कैसा चाहिए । सुबह से भारी बारिश के बीच पठानिया ने जनता के बीच जा कर दर्शा दिया कि सेवा भाव बिधायक बन कर ही नही होती बल्कि सेवा करने का दिल से भाव होना जरूरी है।ओर आज जैसे सुबह उठ कर प्रभावित लोगों से मिल कर उनका दुःख दर्द सांझा किया।
जनता खुद देख कर तय करती है कि हमे कैसा बिधायक चाहिए। चुनावों के समय बहुत नेता अपनी दाबेदारी जताते है और जनता को लुभाने के लिए तरह तरह के हथकंडे अपनाते है। लेकिन इस दुखद घड़ी में जनता के बीच जाना ठीक नही समझते ओर न ही घरों से निकलते है।
बो अखबारों और चैनलों के माध्यम से अपने आप को नेता साबित करते है। लेकिन जनता को कुछ हासिल नही होता। जनता को सही मायने में नेता बो ही चाहिए जो जनता के दुःख सुख में काम आए।इस बार जनता अपना वोट सोच समझ कर ही डालेगी जिससे पांच साल के लिए उनको पछताना न पड़े।
