
चुराह – धर्म नेगी
मनरेगा वर्कर यूनियन तीसा कमेटी ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। जिला अध्यक्ष नरेंद्र ने बताया की मनरेगा में 120 दिन का रोजगार सुनिश्चित करो और कार्य दिवस बढ़ाकर 200 किए जाएं। मनरेगा में असेसमेंट सिस्टम बंद किया जाए।
श्रमिक कल्याण बोर्ड के तहत मिलने वाले लाभ जल्दी दिए जाएं। पहले मिलने वाले लाभ जैसे वाशिंग मशीन, कंबल, टिफिन , चूल्हा फिर से शुरू किए जाएं।
तीसा ब्लॉक में कई पंचायतें ऐसी है जहां पर कई लोगों को 50 दिन का भी रोजगार नहीं मिल पाता है। यूनियन ने मांग की है कि मनरेगा कानून के तहत मिलने वाला 120 दिन का रोजगार दिया जाए। मनरेगा में 350 रुपए न्यूनतम दिहाड़ी दी जाए।
माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्णय के अनुसार समान काम का समान वेतन का नियम मनरेगा में भी लागू किया जाए। क्योंकि तीसा में आर्थिक तौर पर इलाका पिछड़ा हुआ है। मनरेगा कानून एक वरदान के रूप में ग्रामीण इलाकों में है। लेकिन इसे अभी तक पूरी तरह से लागू नहीं किया गया है।
मनरेगा में काम करने वाली अधिकतर गरीब महिलाएं हैं जिनका गुजारा सिर्फ और सिर्फ मनरेगा से चलता है। यूनियन ने मांग की है की सरकार द्वारा लागू न्यूनतम दिहाड़ी 350 रुपए है लेकिन मनरेगा मजदूरों को सिर्फ 212 रुपए देकर सरकार भेदभाव कर रही है। इसलिए 350 रुपय दिहाड़ी मिलनी चाहिए।
मनरेगा में असेसमेंट के नाम पर मजदूरों की दिहाड़ी कम की जाती है जोकि सरासर गलत है। इसलिए इसे हटा देना चाहिए। इसी के साथ यूनियन मांग करती है की श्रमिक कल्याण बोर्ड से मिलने वाले लंबित लाभों की जल्द दिया जाए।
बोर्ड में पहले मिलने वाली सामग्री जैसे वाशिंग, चूल्हा, टिफिन , कंबल आदि को फिर से शुरू किया जाए। श्रमिक कल्याण बोर्ड के रुपए का सरकारी प्रचार प्रसार के लिए दुरुपयोग खत्म बंद किया जाए।
ये रहें मौजूद
इस दौरान नरेंद्र, पवन, हरिलाल, ईश्वर दास, असलम,लोभी राम, भगत राम, लाल चंद, अमरोती, होशियारी,मान देई आदि शामिल रहे।
