
शिमला – जसपाल ठाकुर
हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को अब विदेश में रोजगार मिलेगा। स्वरोजगार के साथ विदेश में रोजगार प्रदान करने के लिए हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम ने राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के साथ कौशल दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
राज्य अतिथि गृह में हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम की ओर से आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं के कौशल उन्नयन के लिए दृढ़ प्रयास कर रही है।
इस अवसर पर आयुष विभाग के साथ स्पा थैरेपिस्ट के लिए, महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ बाल देखभाल संस्थान के हितधारकों और अन्य प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के साथ अंतरराष्ट्रीय प्लेसमेंट को ध्यान में रखते हुए युवाओं के कौशल उन्नयन के लिए समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं के कौशल विकास और सुधार के लिए हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। अब तक हिमाचल प्रदेश कौशल विकास परियोजना के अंतर्गत 545 करोड़ रुपये के अनुबंध किए जा चुके हैं।
एशियन विकास बैंक की ओर से 195 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। एशियन विकास बैंक की सहायता से सोलन जिला के बाकनाघाट में पर्यटन, आतिथ्य और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जा रहा है।
निगम ने करीब 16000 हिमाचली युवाओं को अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वेब डिजाइनिंग, मशीन लर्निंग जैसे विषयों का प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए सरकारी संस्थानों और विश्वविद्यालयों के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किए हैं।
दिव्यांगजनों के लिए नवधारणा कार्यक्रम शुरू किया है। इसके तहत पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस दौरान मंडी और निफ्ट कांगड़ा के प्रशिक्षुओं के साथ वर्चुअल माध्यम से संवाद किया गया।
हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम की प्रबंध निदेशक कुमुद सिंह ने कौशल विकास निगम के कार्यों से अवगत करवाया।
इस दौरान तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. रामलाल मार्कंडेय, कौशल विकास निगम के राज्य समन्वयक नवीन शर्मा भी उपस्थित रहे।
