रोड़ नहीं तो किसी को वोट नहीं, चुनावों का होगा बहिष्कार

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महाड़ और ख्याना के बाशिंदे आज भी पक्की सड़क से मरहूम।

ज्वालामुखी – आशीष कुमार 

कहते हैं सड़कें हमारी भाग्य रेखाएँ कहलाती है समय से हस्पताल, स्कूल,और काम काज के क्षेत्रों में हम तभी जल्दी पहुंच पाते है जब सड़क सुविधा अच्छी हो।लेकिन ज्वालामुखी उपमंडल का महाड़ गांव आज भी सड़क सुविधा से मरहूम है।

गांव महाड़ जो कि लगडू से करीबन तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां महाड़ और ख्याना गाँव को मिला कर कुल आबादी 700 से उपर है तथा जरूरी सामान लेने के लिए पैदल लगडु आना पड़ता है।

यहां तक कि गांव में आंगन बाड़ी तक नहीं है। बरसात के दिनों में बुजुर्गों व स्कूली बच्चों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।उन्होंने कहा कि गांव के लिए रास्ता भयानक जंगल व नालों से होकर गुजरता है, जो जानलेवा हो सकता है।

बीमार लोगों और गर्बबती महिलाओं को हस्पताल ले जाने में बहुत मुश्किल होती है। औरतों को तो कई बार घर में ही डिलीवरी करवानी पड़ती है। गांव की एक औरत ने अपना बच्चा भी खो दिया।

वहीं ग्रामीणों ने कहा कि विधानसभा के चुनावों से पहले सड़क न बनी तो चुनावों का बहिष्कार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो मंत्री सड़क बनवाएगा वोट उसी को दिया जाएगा। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से गुजारिश की है कि उनकी सड़क को पक्का किया जाए।

साथ ही आम आदमी पार्टी के विकास धीमान ने गांव का दौरा किया और गांव बालों को आश्वस्त किया कि आपकी आवाज को आगे तक पहुंचाया जाएगा। ओर जल्द आपके गांव को भी पक्की सड़क से जोड़ा जाएगा।

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