
बकलोह – भूषण गुरुंग
डलहौजी विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी को आज बड़ा झटका लगा। भाजपा के जिला सचिव व पूर्व में चुराह मण्डल के प्रभारी रहे अशोक बकारिया ने न केवल भाजपा के जिला सचिव त्यागपत्र दे दिया है बल्कि उन्होंने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता को भी छोड़ दिया है ।
अपने त्यागपत्र में उन्होंने आरोप लगाये है कि गत 2017 से जब हिमाचल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है तब से मैं पार्टी और संगठन में उपेक्षित हूँ । मेरे और मेरे बेटे के विरुद्ध केस बनाए गए, ढूंढ-दूंढ कर गाड़ी के चालान किए गए।
सोशल मीडिया में भाजपा के दायित्वान कार्यकर्ताओं द्वारा अपमानित किया जा रहा था, पार्टी में कनिष्ठ कार्यकर्ताओं को मेरे से ऊपर दायित्व दिए गए, यहां तक कि पंचायती राज के चुनावों में हमे पार्ट का प्रत्याशी तक नहीं घोषित किया गया आदि-आदि कुछ कारण रहे हैं।
इसके अतिरिक्त कांग्रेस व अन्य दलों के नेताओं को भाजपा में शामिल कर उन्हें अधिमान दिया जा रहा था और उनसे जीवन भर लड़ रहे मूल व विविध संगठनों के कार्यकर्ताओं को उपेक्षित तथा प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने कहा है कि गत वर्ष मुझे चुराह मंडल के प्रभारी से भी बिना कोई कारण बताए हटा दिया गया और जिला व मंडल के कार्यक्रमों की सूचना तक भी नहीं दी जा रही थी।
उन्होंने आरोप लगाये कि उपरोक्त कारणों से मुझे लगा कि जिला चम्बा में भाजपा धन््नाच सेठों के हाथ हाईजैक हो चुकी है क्योंकि ऊपर सरकार व संगठन मेँ मेरी बात नहीं सुनी जा रही थी। अतः मैं तुरन्त प्रभावसे भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता एवं जिला सचिव के दायित्व से त्यागपत्र देता हूँ।
