
ज्वाली- अनिल छांगू
एचएएस की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले दीक्षित राणा के बारे में जब इलाकावासियों को पता चला तो उनकी खुशी का ठिकाना न रहा पिता जगदीश माता सुंदरी राणा का कहना है कि उन्हें बहुत खुशी है कि हमारा बेटा एचएएस अधिकारी बन कर लोगों की सेवा करेगा।
जिला कांगड़ा के उपमंडल ज्वाली के एक छोटेे से गांव नाणा से संबंध रखने वाले दीक्षित राणा के पिता जगदीश राणा प्रदेश में जिला कार्यक्रम अधिकारी के रुप में सेवाएं प्रदान कर चुके हैं। अत: माता फतेहपुर में बतौर बाल विकास परियोजना अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहीं है।
उन्होंने कहा कि बचपन से ही उनके बेटे के मन में समाज सेवा का जज्बा था और उसने एक उद्देश्य बना लिया था कि एचएएस अधिकारी बन कर समाज की सेवा करनी है आज उसका यह बहुमूल्य सपना साकार हुआ।
दीक्षित राणा की प्रारंभिक शिक्षा पहली से 5 वीं तक का सफर डीएवी नगरोटा सूरियाँ में और छठी से लेकर दस जा दो की शिक्षा सैनिक स्कूल सुजानपुर टीहरा में हुई है। इसके आगे की शिक्षा इन्होंनें पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से हासिल की और
इस समय केलांग में खाद्य आपूर्ति विभाग में जिला नियंत्रक के पद पर कार्यरत होकर अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
