
जर्जर हो रहे असुरक्षित भवनों में, चल रहे सरकारी स्कूल, सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के लिए नहीं अध्यापक,227 प्राथमिक स्कूलों में नहीं हैं स्थाई शिक्षक, चार साल से जूनियर बेसिक टीचर (जे बी टी), की कोई भर्ती नहीं, पूरे हिमाचल में,जे बी टी के 3301पद खाली, हिमाचल में शिक्षा के खराब हालात को “आप” जनता के बीच लाई, भाजपा सरकार में तब से बौखलाहट, हिमाचल प्रदेश चुनाव प्रभारी सत्येंद्र जैन को झूठे केस में फँसाने के बाद अब भाजपा कर रही मनीष सिसोदिया के ख़िलाफ़ साज़िश की तैयारी
कांगड़ा – राजीव जसवाल
हिमाचल प्रदेश में सरकारी स्कूलों में अध्यापकों की कमी के चलते,शिक्षा का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। एक ओर जहाँ शिक्षकों की कमी के चलते बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है। वहीं रिक्त पड़े अध्यापकों के पदों को ना भरे जाने से बेरोज़गार युवाओं के भविष्य को भी अंधेरे में झोंका जा रहा है।
यह बात हिमचल प्रदेश आम आदमी पार्टी प्रवक्ता कल्याण भंडारी ने काँगड़ा में पत्रकार वार्ता के दौरान कही। ‘आप’ प्रवक्ता ने हिमाचल में शिक्षा के स्तर में दिन प्रतिदिन आ रही गिरावट बारे चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हिमाचल में सरकारी स्कूलों की हालत बहुत ही दयनीय है। जोखिम भरे अथवा किसी भी समय किसी अप्रिय घटना को न्योता देते जर्जर तथा असुरक्षित भवनो में बच्चों की कक्षाएँ चल रही हैं।
सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के लिए नहीं अध्यापक, 227 प्राथमिक स्कूलों में नहीं हैं स्थाई शिक्षक
हिमाचल में सरकारी स्कूलों में शिक्षा को लेकर भाजपा सरकार की उदासीनता इस बात से पता चलती है कि सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं हैं।
प्राथमिक स्कूल नियमित शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं 227 स्कूल ऐसे हैं जिनमें कोई स्थाई अध्यापक नहीं है हिमाचल प्रदेश में प्रशिक्षित बेरोजगारों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।
हिमाचल में 4 वर्ष से भी ज्यादा समय से जूनियर बेसिक टीचर (JBT) की भर्ती नहीं हुई है। इससे एक ओर जे बी टी और डीएलएड प्रशिक्षित बेरोजगारों का नौकरी का इंतजार लंबा होता जा रहा है। वहीं दूसरी ओर स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं मिल रहे हैं।
पूरे प्रदेश में जे बी टी के 3301 पद खाली
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में JBT के 19630 स्वीकृत पदों में से 3301 पद खाली पड़े हैं। कई स्कूल एक-एक अध्यापकों के सहारे चल रहे हैं। तो कुछ में एक भी अध्यापक नहीं है, जबकि अनिवार्य शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत प्रत्येक स्कूल में कम से कम 2 अध्यापक आवश्यक हैं। हिमाचल के 524 स्कूल ऐसे हैं, जिन्हें एक-एक अध्यापक ही चला रहे हैं।
आम आदमी पार्टी नेताओं को झूठी तथा फ़र्ज़ी साज़िशों के तहत बदनाम करने का भाजपा कर रही प्रयास
‘आप’ प्रवक्ता कल्याण भंडारी ने हिमाचल की जय राम सरकार पर निशना साधते हुए कहा कि शिक्षा के मामले में भाजपा सरकार एक तो प्रशिक्षित बेरोज़गारों की मानसिक प्रताड़ना कर रही है दूसरा बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है।
जब से आम आदमी पार्टी ने हिमचल मेन शिक्षा के गिरते स्तर को उजागर करना शुरू किया है, आम आदमी पार्टी के लोग तब से भाजपा की आँखों में किरकिरी लगने लग पड़े हैं तथा इस द्वेष के चलते भाजपा सरकार अब आम आदमी पार्टी के नेताओं को झूठी तथा फ़र्ज़ी साज़िशों के तहत बदनाम करने का प्रयास कर रही है।
पिछले दिनों हिमाचल प्रदेश आम आदमी पार्टी चुनाव प्रभारी सत्येंद्र जैन को झूठे केस में भाजपा दुआरा गिरफ़्तार करवाया जाना भी हिमाचल में ‘आप’ की बढ़ती लोकप्रियता का नतीजा है, और जिस तरह से आम आदमी पार्टी के प्रति हिमाचल के लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है उससे बौखला कर भाजपा दिल्ली के मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के ख़िलाफ़ भी साज़िशें रचने में लग पड़ी है।
आप प्रवक्ता ने पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि
हिमाचल वासियों ने अब इन पार्टियों के जनविरोधी कामों को बहुत सह लिया है। अब हिमाचल में बदलाव का समय है और आम आदमी पार्टी को प्रदेश की जनता एक सशक्त विकल्प के रूप में देख रही है जिस से यह स्पष्ट रूप से तय है कि आने वाले विधान सभा चुनावों में इस बार हिमाचल में आम आदमी पार्टी की ही सरकार बनेगी।
