
कांगड़ा – राजीव जसवाल
नगर परिषद् मैदान कांगड़ा में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से श्रीमद् देवी भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ आयोजन की दूसरी शाम कथा व्यास साध्वी त्रिपदा भारती ने ब्रह्माण्ड उत्पत्ति प्रसंग को रोचक ढंग से संगत के समक्ष प्रस्तुत किया।
जिसके अंतर्गत उन्होंने बताया यदि हम ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति के रहस्य को जानना चाहते हैं तो सर्व प्रथम स्वयं को जानना होगा, क्यूंकि जिस शक्ति ने इस सृष्टि की रचना की है जो कण कण में व्याप्त है वहीं शक्ति हमारे भीतर भी विद्यामन है।
उसी शक्ति स्वरूपा मां भगवती को जानने के लिए हमें ये मानव तन मिला है और जब हम उस परम सता का बोध अपने घट में कर लेंगे तो वही हमारी वास्तविक पहचान होगी।
इसके अतिरिक्त साध्वी ने कहा आज हमने कथा में श्रवण किया कि किस प्रकार मां विमान में त्रिदेवों को बिठा कर विभिन्न लोकों का भ्रमण करवाती है।
इसे सुन कर हमें ऐसा लगता होगा ये कथाएं तो कपोल कल्पनाओं पे आधारित हैं। इन विमान इत्यादि का उस समय होना कैसे संभव होगा, किन्तु हम इस तथ्य से अनभिज्ञ हैं हमारा वैदिक भारत बहुत संपन्न श्रेष्ठ व उन्नत हुआ करता था।
आज से सहस्त्रों वर्षों पूर्व विमानों का आविष्कार भारत भूमि पर हो चुका था जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण आप हमारे धार्मिक शास्त्रों व वेदों में देख सकते हैं।
भारत ज्ञान विज्ञान कि भूमि रहा है जिसे जगत गुरु की उपाधि से मंडित किया गया। किन्तु चिंता का विषय तो यह है कि आज हम इस भूमि की महानता से अपरिचित हैं जिस भूमि ने हमें गिनती सिखाई हम उसी को गिनना भूल जाते हैं।
जिस भूमि ने विमान बनाए आज उन्हीं विमानों में बैठ कर हम विदेश जाना पसंद करते हैं। जिस भूमि ने सब कुछ दिया उसे ही सब कुछ नहीं समझे। लेकिन अगर हम ऐसी ही सोच ले कर चलेंगे तो हमारे राष्ट्र का उत्कर्ष कैसे होगा? इसलिए हमे अपनी मातृभूमि का सम्मान करना चाहिए।
जो प्रत्येक भारतीय का कर्तव्य है किंतु हमें अपने कर्तव्यों का बोध तब ही हो सकता है जब हम अध्यात्म से पोषित हो जाएंगे और अध्यात्म ज्ञान को पाने के लिए एक तत्ववेत्ता महापुरुष की शरणागत होना अनिवार्य है।
राज्यसभा सांसद हिमाचल प्रदेश एवं राष्ट्रीय महामंत्री भाजपा महिला मोर्चा ने निभाई दीप प्रज्वलन की रस्म
कार्यक्रम में मुख्यअतिथि इंदु बाला गोस्वामी (राज्यसभा सांसद हिमाचल प्रदेश एवं राष्ट्रीय महामंत्री भाजपा महिला मोर्चा) उपस्थित हुई। उन्होंने दीप प्रज्वलन की रस्म निभाई। उनके साथ वेद शर्मा (अध्यक्ष ब्राह्मण कल्याण बोर्ड ) भी उपस्थित थे।
दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान से स्वामी हरिशानंद, स्वामी गुरुदेववानंद व वी पी शर्मा ने उनका अभिनंदन किया।
इसके अतिरिक्त कथा के अंतर्गत सुमधुर भजनों का गायन किया गया व कथा का समापन मां भगवती की मंगल आरती से किया गया।
