
ब्यूरो – रिपोर्ट
भूमि विवाद को लेकर सगे भाई की हत्या करने व साक्ष्य मिटाने के दोषी को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सरकाघाट जिया लाल आजाद की अदालत ने उम्रकैद की सुजा सुनाई है।
दोषी रणजीत सिंह बलद्वाड़ा तहसील के बाडनी का रहने वाला है। भूमि विवाद के चलते उसने 10 जून 2017 की रात अचानक अपने भाई शाली राम के सिर पर लोहे की राड से वार कर दिया था।््
गंभीर चोट लगने से शाली राम घर के आंगन में अचेत होकर गिर गया था। बकौल जिला उप न्यायवादी सरकाघाट राजीव शर्मा, शिकायतकर्ता मनसा राम रात 11 बजे लघुशंका के लिए शौचालय गया था।
शौचालय की खिड़की से उसने शाली राम को आंगन में पड़ा देखा था। रणजीत सिंह उसके पास बैठकर बीड़ी पी रहा था। कुछ देर बाद वह शाली राम को घसीटता हुआ आंगन से खेत की तरफ ले गया था।
आंगन में खून बिखरा था। मनसा राम ने इस बात से शाली राम के स्वजन व ग्रामीणों को अवगत कराया था। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी।
रणजीत सिंह को गिरफ्तार कर मामले की जांच सब इंस्पेक्टर श्याम लाल ने की थी। जांच पूरी होने के बाद अदालत में चालान पेश किया था।
अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष 16 गवाहों के बयान कलमबद्ध करवाए थे। बचाव एवं अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने रणजीत सिंह को अपने भाई शाली राम की हत्या करने का दोषी करार देते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई।
सरकार की तरफ से मामले की पैरवी जिला उप न्यायवादी राजीव शर्मा ने की।
