
शिमला – जसपाल ठाकुर
हिमाचल प्रदेश में कर्मचारियों की नाराजगी झेल रही जय राम सरकार अब कॉलेज प्रोफेसरों के निशाने पर भी आ गई है. सातवां यूजीसी वेतनमान लागू न होने और अन्य मांगों को लेकर 132 कॉलेज के प्रोफेसर सरकार से नाराज हैं. नाराज शिक्षकों ने 12 मई से परीक्षा के मूल्यांकन का बहिष्कार कर रखा है.
सभी ने विरोध स्वरूप सोमवार को सभी महाविद्यालयों में एक दिन की भूख हड़ताल की. बता दें कि वेतनमान के मुद्दे के अलावा प्राचार्यों की डीपीसी, कॉलेज शिक्षकों के लिए एम.फिल / पीएचडी वेतन वृद्धि और कॉलेजों में सीएएस के तहत प्रोफेसरों के पद और यूजीसी मानदंडों के अनुसार अनुबंध शिक्षकों को राष्ट्रीय लाभ समेत अन्य लंबित मुद्दों पर ये शिक्षक खफा हैं.
सभी कॉलेज में शिक्षक देंगे धरना
राजधानी शिमला के संजौली कॉलेज में भी शिक्षकों ने भूख हड़ताल की. हिमाचल राजकीय महाविद्यालय शिक्षक संघ के बैनर तले ये भूख हड़ताल की गई. संघ ने तय किया है कि यूजीसी के सातवें वेतनमान के लागू होने तक यूजी परीक्षाओं का मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार जारी रहेगा.
संघ के महासचिव डॉ. राम लाल ने बताया कि ये निर्णय लिया गया है कि 24 मई से सभी शिक्षक दोपहर 12.30 से 1.30 बजे के दौरान सभी कॉलेजों में एक घंटे का धरना देंगे और गेट मीटिंग की जाएगी.
उन्होंने कहा कि सरकार अगर मांगें नहीं मानेगी तो 30 मई से भूख हड़ताल शुरू की जाएगी. बड़े कॉलेजों में कम से कम तीन से पांच व्यक्ति भूख हड़ताल करेंगे और छोटे कॉलेजों में एक से तीन व्यक्ति इसका पालन करेंगे.
उसके बाद आगामी रणनीति तय की जाएगी. डॉ. राम लाल ने सरकार से मांग की कि शिक्षण बिरादरी और छात्रों के भविष्य के बड़े हित में सभी मुद्दों को हल किया जाए, अधिकारों के लिए अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए.
