अब अगले सत्र से दो नहीं, चार साल की होगी बीएड, नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन ने जारी की नोटिफिकेशन

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केंद्र-राज्य संस्थानों में शुरू होगा पॉयलट प्रोजेक्ट , नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन ने जारी की नोटिफिकेशन

व्यूरो रिपोर्ट

देशभर में अब आगामी शैक्षणिक सत्र से चार साल की बीएड शुरू हो जाएगी। अब तक देशभर सहित प्रदेश में भी दो वर्ष की बीएड चल रही है। जबकि अब शैक्षणिक वर्ष 2023-24 से केंद्र व राज्य के संस्थानों में पॉयलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा।

इसके तहत इंटिग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम्स (आईटीईपी) देशभर के सभी राज्यों के एक-एक संस्थान में शुरू किया जाएगा। इसके लिए नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन दिल्ली की ओर से नोटिफिकेशन जारी कर दी गई है।

वहीं पॉयलट प्रोजेक्ट में हिमाचल से भी एक संस्थान को फाइनल करके 31 मई से पहले-पहले केंद्र को नाम भेजना होगा। इंटिग्रेेटेड बीएड शुरू होने से शिक्षक छात्रों को कंबाइंड डिग्री प्रदान की जाएगी, इससे अब पूरी तरह से प्रोफेशनल शिक्षक तैयार हो सकेंगे।

नेशनल कौंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) की ओर से वर्ष 2014 में बीएड को एक वर्ष से बढ़ाकर दो, तीन व चार वर्ष करने के प्रोपोजल भेजे गए थे। इस दौरान प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला की ओर से दो वर्ष बीएड प्रोग्राम को ही शुरू किया गया था। जबकि अभिलाषी कालेज में चार वर्षीय बीएड कोर्स वर्ष 2015 से शुरू कर दिया गया है।

एनसीटीई की ओर से अब केंद्र व राज्य के सभी संस्थानों के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दी गई है, जिसमें शैक्षणिक सत्र 2023-24 से हर राज्य के एक संस्थान में चार वर्षीय इंटिग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम्स (आईटीईपी) शुरू करना अनिवार्य होगा।

इतना ही नहीं पॉयलट प्रोजेक्ट के शुरू होने के बाद एनसीटीई की ओर से अन्य शैक्षणिक संस्थानों में भी बीएड कोर्स को अपग्रेड कर चार वर्षीय आईटीईपी प्रोग्राम्स शुरू कर दिए जाएंगे।

ऐसे में चार वर्षीय आईटीईपी के लिए जमा दो के बाद छात्र दाखिला प्राप्त कर सकेंगे, जिसमें चार वर्षीय कोर्स के बाद कंबाइंड डिग्री छात्रों को मिल पाएगी, जिसमें छात्रों की इच्छानुसार चुने गए विषयों के तहत बीएएसी-बीएड, बीकॉम-बीएड और आट्र्स-बीएड की कंबाइंड डिग्रियां छात्रों को मिल पाएंगी।

वहीं केंद्र की ओर से पहले ही पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया गया है कि वर्ष 2030 के बाद मात्र चार वर्षीय बीएड (आईटीईपी) कोर्स ही मान्य होगा। हालांकि इसमें यह भी स्पष्ट है कि जब तक दो वर्षीय कोर्स चल रहा है, उन्हें भी अध्यापन कार्य करने की मान्यता रहेगी।

बहरहाल अब नेशनल कौंसिल फॉर टीचर एजुकेशन दिल्ली के मेंबर सक्रेटरी केसंग यंगजौम शेरेपा की ओर से जारी नोटिफिकेशन के तहत चार वर्षीय बीएड इंटिग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम्स (आईटीईपी) के सभी नियमों को पूरा करने वाले संस्थान का नाम प्रदेश से भी भेजना होगा, जिसमें वर्ष 2023-24 के शैक्षणिक सत्र से चार वर्ष बीएड का बैच शुरू हो जाएगा।

क्या है एनसीटीई

नेशनल कौंसिल फॉर टीचर एजुकेशन एक संविधिक संस्था है जो कि देशभर में टीचर एजुकेशन के प्लान, डिवेलपमेंट और सिस्टम को चलाने का कार्य करती है। इसके साथ ही टीचर एजुकेशन के लिए सभी संस्थानों के नियमों के तहत सही प्रकार से चलाने के लिए मान्यता प्रदान करने के साथ ही निगरानी भी रखती है। मौजूदा समय में शिक्षक शिक्षा संबंधी 14 प्रकार के विभिन्न कोर्स, डिग्रीयों की देखरेख कर रही है।

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