
कोटला में पेश आया वाक्या, उपभोक्ता के उड़े होश।
कोटला – स्वयंम
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा हिमाचल के घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को सुविधा देने के लिए पहली अप्रैल से बिजली की 60 यूनिट मुफ्त की गई हैं तथा इससे उपभोक्ताओं में खुशी है।
लेकिन इसके बावजूद बिजली विभाग द्वारा बिजली कि 60 यूनिट मुफ्त करने की बजाए उसका ही बिल काटा जा रहा है। जिससे उपभोक्ताओं में प्रदेश सरकार व बिजली विभाग के प्रति रोष पनप रहा है।
ऐसा ही मामला विस क्षेत्र ज्वाली के अधीन कोटला में देखने को मिला है। कोटला के उपभोक्ता मदन लाल के घर बिजली का बिल काटा और उसने बिजली का बिल काटकर उपभोक्ता मदन लाल को थमा दिया।
बिल को देखकर मदन लाल के होश उड़ गए। एक तो बिजली विभाग द्वारा 22 दिन में ही बिजली का बिल काट दिया और ऊपर से 53 यूनिट का बिल 118 रूपए डाल दिया।
ऐसे में सवाल उठता है कि अगर सरकार ने अगर 60 यूनिट माफ कर रखी हैं, तो फिर 53 यूनिट का बिल कैसे काट दिया गया और वो भी पिछले बिल की अदायगी के 22 दिन के बाद।ऐसे में उपभोक्ताओं को 60 यूनिट माफ की सबसिडी कैसे मिल पाएगी।
उपभोक्ता मदन लाल ने बताया कि पिछले बिल जीरो था लेकिन इस बार 118 रुपए डाल दिया गया। मदन लाल ने कहा कि बिल को देखते ही जब बिल काटने वाले कर्मी से पूछा कि आपने 53 यूनिट का बिल कैसे काट दिया जबकि 60 यूनिट तो माफ की गई हैं।
जिस पर बिजली कर्मी ने कहा कि आपको बिल दे दिया है। मदन लाल ने कहा कि बिजली विभाग भी कहीं न कहीं उपभोक्ताओं को ऐसा करके गुमराह कर रहा है।
अगर बिल काटने वाली मशीनों में कोई खराबी है तो उसको ठीक करवाया जाना चाहिए न कि उपभोक्ताओं को परेशान किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अन्य भी कई ऐसे उपभोक्ता होंगे जिनको ऐसे ही बिल काट कर दे दिए होंगे। उपभोक्ता मदन लाल ने कहा कि इसकी शिकायत की जाएगी।
इसके अलावा कोटला में अन्य उपभोक्ताओं के बिजली के बिल भी इसी तरह 22 दिनों में ही दोबारा काट दिए और 60 यूनिट माफ होने के बाद भी 60 से कम यूनिट खर्च करने वालों को भी बिजली बिल दे दिया गया जबकि 60 यूनिट माफ करने की शर्त अनुसार उनका बिल जीरो होना चाहिए था।
उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, ऊर्जा मंत्री से मांग की है कि ऐसी कोताही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
क्या कहते हैं अधिकारी
इस बारे में विद्युत विभाग कोटला के सहायक अभियंता रमेश चंद से बात हुई तो उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि 60 यूनिट तो माफ की गई हैं तो फिर 53 यूनिट का बिजली बिल कैसे कट गया। उन्होंने कहा कि वह इसकी जांच करेंगे।
