
हमीरपुर – अनिल कल्पेश
प्रदेश सरकार पैरामिल्ट्री फोर्स के जवानों से सौतेला व्यवहार बंद करे, अर्द्धसैनिक बल के जवान भी तन-मन से देश सेवा करने को हमेशा तैयार रहते हैं।
यह बात शनिवार को हिमाचल प्रदेश वेल्फेयर एवं समन्व्यक एसोसिएशन पैरामिल्ट्री फोर्स के प्रदेश अध्यक्ष वीके शर्मा ने घुमारवीं में शनिवार को प्रदेशस्तरीय बैठक में कही।
इस दौरान प्रदेश के सभी जिलों के पैरामिलिट्री संगठनों में बीएसएफ, आइटीबीपी, एसएसबी, सीआइएसएफ, सीआरपीएफ एंड असम राइफल के सदस्यों, वीर नारियों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
बैठक की शुरुआत में सदस्यों ने सभी बलिदानियों को याद किया और दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
इसके पश्चात मातृभूमि की रक्षा में अपना जीवन कुर्बान करने वाले पैरामिलिट्री बलिदानियों के स्वजन को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उमा कपूर, उर्मिला, रीता, सुमन शर्मा व सुमन वीर नारियों को सम्मानित किया गया।
इस दौरान मुख्यातिथि ने कहा कि अर्द्धसैनिक बल हर क्षेत्र में सेवाएं देते हैं, लेकिन उन्हें पूरा सम्मान नहीं दिया जाता। सरकार उनकी मांगों को न मानकर सैनिकों, वीरांगनाओं के साथ धोखा कर रही है।
पैरामिल्ट्री के जवानों को आर्मी की तर्ज पर न ही कैंटीन की सुविधा है और न ही कोई कल्याण बोर्ड बनाया गया है। अगर किसी पैरामिल्ट्री के जवान की शहादत हो जाए तो उसे शहीद तक का दर्जा नहीं दिया जाता।
वीके शर्मा ने कहा कि सरकार द्वारा पेंशन बंद करना भी अनुचित है। उन्होंने कहा कि जो जवान सीमाओं पर देश सेवा कर सकता है, वह चुनाव लड़ना भी जानता है। सरकार अपनी नीतियों में सुधार करे अन्यथा पैरामिल्ट्री जवान चुनावी रण में कूदने से भी गुरेज नहीं करेंगे।
इस दौरान संगठन के लोगों ने दकड़ी चौक से एसडीएम आफिस तक रैली निकाली और मुख्यमंत्री को एसडीएम घुमारवीं के माध्यम से ज्ञापन सौंपा।
इस मौके पर आरडी ठाकुर, कश्मीर सिंह चौहान प्रधान बिलासपुर, सरोज कुमारी प्रदेश महिला महासचिव, प्रेम सिंह, सुंका राम, करतार चंद समेत सैकड़ों लोगों ने भाग लिया।
