
मंडी – नरेश कुमार
माननीय न्यायाधीश जिला एवं सत्र न्यायालय–मण्डी, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश, की अदालत ने दुराचार के दोषी को 7 वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ जुर्माने की सजा सुनाई।
जिला न्यायवादी, मण्डी कुलभूषण गौतम ने बताया कि दिनांक 07/10/2014 को पीडिता ने पुलिस को बयान किया कि दिनांक 06/10/2014 को तकरीबन शाम 6 बजे वह अपनी गौशाला में पशुओं को घास डालने गयी तो दोषी परमानंद पुत्र कालिजंग निवासी घरवासडा डाकघर लेदा, तहसील बल्ह, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश
जो पहले से ही पीडिता की गौशाला में छिप कर बैठा हुआ था और जैसे ही पीडिता गौशाला के अंदर पहुची तो दोषी ने उसे एकदम से पकड़ लिया और चाकू दिखाकर उसके साथ दुराचार किया और उसके पश्चात वह मौके से भाग गया उक्त व्यान के आधार पर पुलिस थाना बल्ह जिला मण्डी में परमानंद के खिलाफ अभियोग संख्या 308/2014 दर्ज हुआ था |
इस मामले की छानबीन निरीक्षक मदन धीमान, ने अमल में लायी थी | छानबीन पूरी होने पर थाना प्रभारी पुलिस थाना बल्ह द्वारा मामले के चालान को अदालत में दायर किया था।
उक्त मामले में अभियोजन पक्ष ने अदालत में 15 गवाहों के ब्यान कलम बन्द करवाए थे। अभियोजन एवं बचाव पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने परमानंद पुत्र को भारतीय दण्ड सहिंता की धारा 376 के तहत दुराचार के आरोप में 7 वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ ₹25000/– जुर्माने की सजा सुनाई, जुर्माना अदा न करने की सूरत में अदालत ने दोषी को एक वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा भी सुनाई।
