
चम्बा- भूषण गुरुंग
एचआरटीसी प्रबंधन की लापरवाही कहें या मजबूरी, इसका खामियाजा लोगों को आए दिन भुगतना पड़ रहा है। कई रूटों पर सरकारी बसें बीच रास्ते में ही हांफ रही हैं। ऐसा ही एक वाकया वीरवार को भी देखने को मिला।
बिहाली-भंजराडू रूट पर भेजी गई एचआरटीसी बस के चालक ने सवारियों को बीच रास्ते शिकारी मोड़ में ही उतार दिया। इससे सवारियों का काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बीच राह बस से उतार देने पर गुस्साए यात्रियों ने खूब हो-हल्ला किया।
यात्रियों प्रदीप कुमार, जमीत अली, अहमद मोहम्मद, परस राम, कुलदीप कुमार और सोनू ने बताया कि रोजमर्रा की तरह वे सुबह आठ बजे बिहाली से एचआरटीसी की बस में सवार होकर भंजराडू के लिए रवाना हुए।
बस में करीब 40 सवारियां बैठी थीं। सुबह 9 बजे शिकारी मोड़ पर बस पहुंची तो परिचालक ने सवारियों को बस से उतरने के फरमान जारी कर दिए। इस पर सवारियां भड़क गईं और खूब हो-हल्ला किया लेकिन चालक-परिचालक बिना कुछ कारण बताए ही बस को चंबा की ओर ले गए।
सवारियों ने बताया कि बस में बिहाली समेत आसपास के गांवों से स्कूली बच्चे, नौकरीपेशा लोग और ग्रामीण अपने रोजमर्रा के काम के लिए भंजराडू आते हैं लेकिन इस प्रकार की व्यवस्था ग्रामीणों की मुश्किलों को बढ़ा रही है।
बस परिचालक के रवैये से खिन्न लोगों ने विधानसभा उपाध्यक्ष और एचआरटीसी के क्षेत्रिय प्रबंधक से इसकी शिकायत करने का मन बनाया है। सवारियों ने तर्क दिया कि जब परिचालक ने टिकट पूरे रूट का काटा तो उन्हें बीच राह किस आधार पर उतार दिया गया? खैर, करीब आधे घंटे के बाद भंजराडू से चंबा रूट की बस में सवारियों को बैठा कर भंजराडू पहुंचाया गया।
एचआरटीसी चंबा डिपो के कार्यकारी आरएम साहिल कपूर ने कहा कि बस में तकनीकी खराबी के कारणों से ही इस प्रकार की समस्या हुई। कहा कि दूसरी बस से सवारियों को भंजराडू पहुंचा दिया गया था।
