
व्यूरो रिपोर्ट
नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में नि:शुल्क 102 एंबुलेंस सेवा ठप है। इससे प्रसव के बाद महिलाओं को घर जाने के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।
लंबे अरसे से अस्पताल में 102 एंबुलेंस सेवा ठप है। इससे गरीब और मध्य वर्गीय परिवारों की दिक्कतें बढ़ गई हैैं। उन्हें सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल रहा।
दुर्गम क्षेत्र की महिलाओं को नि:शुल्क 102 एंबुलेंस सेवा का लाभ न मिलने से स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ रोष है। हैरानी है कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले से अनजान है।
कोरोना काल में जोगिंद्रनगर अस्पताल में मौजूद 102 एंबुलेंस को कोविड टेस्ट के लिए इस्तेमाल में लाए जाने के दौरान भी प्रसव के दौरान महिलाओं को नवजात शिशुओं के साथ घर पहुंचने के लिए परेशानियां झेलनी पड़ रही थी।
वर्तमान में सामान्य हालात को देखते हुए 102 एंबुलेंस को कोविड टेस्ट के लिए इस्तेमाल में नहीं लाया जा रहा है।
मरीजों और तीमारदारों ने रोगी कल्याण समिति और स्थानीय प्रशासन से 102 एंबुलेंस फिर से शुरू करने की मांग की है।
यह है मामले
सोमवार को जोगिंद्रनगर में प्रसव के बाद नवजात शिशु के साथ जिमजिमा निवासी ललिता को भी टैक्सी का सहारा लेकर घर जाना पड़ा। उन्हें सरकारी योजना का फायदा नहीं मिला है।
बनाड़ निवासी हिमानी को प्रसव के बाद जब अस्पताल के छुट्टी दी गई तो उसे भी अस्पताल में टैक्सी बुलाकर घर जाना पड़ा। 102 व्यवस्था धरी की धरी रह गई।
अधिकारियों की सफाई
एसडीएम जोगिंद्रनगर विशाल शर्मा ने कहा कि 102 एंबुलेंस सेवाओं को इस्तेमाल में न लाए जाने की जानकारी मिली है। स्वास्थ्य विभाग से रिपोर्ट लेकर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. देवेंद्र ने बताया कि वे समस्या के समाधान के लिए कार्रवाई करेंगे।
