
कांगड़ा – राजीव जसबाल
कोरोना संक्रमण में पैदा हुए हालात को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार टांडा मेडिकल कॉलेज (टीएमसी) अस्पताल में 50 बिस्तर की क्षमता का एक क्रिटिकल केयर अस्पताल बनाएगी।
इसके निर्माण के लिए टांडा अस्पताल ने प्रारंभिक नक्शा तैयार कर लिया है। अब केंद्रीय टीम टांडा का दौरा करके इसके निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी। टीएमसी के प्राचार्य डॉ. भानू अवस्थी ने यह बात गुरुवार को प्रेस वार्ता में कही।
उन्होंने बताया कि कोरोना काल में देश भर के स्वास्थ्य संस्थानों को चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। इसके चलते टीएमसी के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल को भी कोरोना रोगियों के उपचार के लिए उपयोग करना पड़ा था।
टांडा में क्रिटिकल केयर अस्पताल बनने से भविष्य में कोरोना जैसे संक्रमित रोगों के इलाज के लिए इस अस्पताल का उपयोग किया जा सकेगा। इस अस्पताल का उपयोग सामान्य रोगियों के उपचार के लिए भी किया जा सकेगा।
डॉ. भानू ने बताया कि टीएमसी और इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज अस्पताल शिमला में ही कैथ लैब सुविधा है, जिससे दोनों जगह काफी भीड़ रहती है। ऐसे में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से एक और कैथ लैब की मांग की गई है।
न्यूरोलॉजी के बाद अब न्यूरो सर्जरी में भी शुरू होगी पोस्ट ग्रेजुएशन
प्राचार्य डॉ. भानू अवस्थी ने बताया कि टीएमसी प्रदेश का एकमात्र संस्थान है, जहां न्यूरोलॉजी विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन करवाई जाती है। वर्तमान में यहां दो सीटें भरी हुई हैं।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के टांडा दौरे के दौरान उनसे इस साल न्यूरो सर्जरी में भी पोस्ट ग्रेजुएशन शुरू करवाने की मांग की है, ताकि अस्पताल में ऐसे मरीजों को और बेहतर इलाज मिल सके।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने इसी साल से न्यूरो सर्जरी में पोस्ट ग्रेजुएशन का कोर्स शुरू करवाने का आश्वासन दिया है।
