
रैत – नितिश पठानियां
द्रोणाचार्य शिक्षण स्नातकोत्तर महाविद्यालय रैत में शहीदी दिवस मनाया गया। इस मोके पर सबके द्वारा शहीदों की तस्वीरों पर फूल माला अर्पित की गई। इसके बाद उनको नमन कर मौन रखा गया।
वहीं कार्यकारी निदेशक डॉ बीएस पठानिया ने कहा कि आज 23 मार्च है, भारत में इसे शहीद या शहीदी दिवस के रूप में मनाते हैं। यह दिन देश के लिए बहुत खास है। आज ही के दिन स्वतंत्रता की लड़ाई में भारत के तीन सपूतों ने हंसकर फांसी की सजा को गले लगाया था।
उन्होंने कहा कि आज के दिन को क्यों शहीद दिवस के रूप में मनाते हैं उन्होंने कहा कि भारत की आजादी की लड़ाई में अहम योगदान निभाने वाले भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को आज ही के दिन यानी 23 मार्च 1931 को अंग्रेजों ने फांसी की सजा दी थी। इन तीनों को खासकर शहीद भगत सिंह को भारत में बड़ी संख्या में यूथ फॉलो करता है. उनसे प्रेरणा लेता है।
इन तीनों ने अलग रास्ते पर चलते हुए अंग्रेजों से लड़ाई शुरू की थी. इन तीनों ने बहुत कम उम्र में देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान कर दिया था. इन तीनों की याद में और इन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए ही आज के दिन को शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है. वहीं पूरा महाविद्यालय में देश भक्ति के नारे भी लागए गए ।
इस मोके पर महाविद्यालय प्रबंध निदेशक जीएस पठानिया ,कार्यकारी निदेशक बीएस पठानिया , प्राचार्य डॉ प्रवीण कुमार शर्मा ,एचओडी सुमित शर्मा ,एचओडी बीबीए मुकेश शर्मा ,एचओडी बीसीए राजेश राणा सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा I
